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Mumbai News: लापरवाही की हदें पार! मुंबई अस्पताल में मोबाइल टॉर्च की लाइट से की सिजेरियन डिलीवरी, मां और बच्चे की मौत

Mumbai News: मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने बिजली जाने के बाद मोबाइल फोन की लाइट से सिजेरियन डिलीवरी की। इस ऑपरेशन में बच्चे और मां दोनों की मौत हो गई है। परिवार ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया, जिसके बाद BMC ने जांच के आदेश दिए।

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मुंबई अस्पताल में मोबाइल टॉर्च की लाइट से की सिजेरियन डिलीवरी

Photo : iStock

Mumbai News: अस्पतालों में लापरवाही के कारण मरीजों की मौत के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसी प्रकार का एक मामला भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई से सामने आया। मुंबई के एक सरकारी मटर्निटी अस्पताल में बिजली जाने के बाद मोबाइल फोन की लाइट से बच्चे की डिलीवरी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां डॉक्टरों ने मोबाइल के टॉर्च का प्रयोग करते हुए सिजेरियन डिलीवरी करने का प्रयास किया है। डॉक्टरों के इस प्रसार में जच्चा और बच्चा दोनों की ही मौत हो गई है।

महिला के पति खुसरुद्दीन अंसारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। अस्पताल की लापरवाही में इस शख्स ने अपनी पत्नी और बच्चे दोनों को खो दिया है। परिवार का आरोप है कि लाइट जाने के बाद करीब 3 घंटे तक जनरेटर नहीं चलाया गया। डॉक्टरों की लापरवाही पर परिवार द्वारा अस्पताल के बाहर प्रदर्शन के बाद बीएमसी ने मामले की जांच के आदेश जारी किया।

रिपोर्ट्स सही होने पर भी किया सी-सेक्शन

घटना की जानकारी देते हुए अंसारी की मां ने बताया कि उनके बेटे और बहू सहीदुन की शादी 11 महीने पहले हुई थी। बहू की सारी रिपोर्ट सही थी। वह कहती हैं कि 29 अप्रैल को सुबह 7 बजे बहू को अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने उसे एडमिट किया और शाम 8 बजे हमें नॉर्मल डिलीवरी की जानकारी। अंसारी की मां ने बताया कि जब वह अपनी बहू से मिलन गई तो मंजर हैरान कर देने वाला था। उनकी बहू खून से लथपथ थी। उसके पेट पर एक चीरा लगा हुआ था। डॉक्टरों ने पूछने पर बताया कि सहीदुन को दौरा पड़ा था, जिसके कारण सी-सेक्शन करना जरूरी है। वह बताती हैं कि उसी दौरान लाइट चली गई थी। लाइट जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें किसी दूसरे अस्पताल रेफर करने की बजाए उनकी बहू को ऑपरेशन थिएटर में ले गए और फोन के टॉर्च से डिलीवरी की। इस दौरान बच्चे की मौत हो गई थी। डॉक्टर ने परिवार को बताया कि मां बच सकती है और उसके सायन अस्पताल ले जाने को कहा। लेकिन बच्चे के बाद मां की भी मौत हो गई।

परिवार ने अस्पताल और डॉक्टरों पर लगाए लापरवाही के आरोप

परिवार का आरोप है कि लाइट जाने के 3 घंटे तक जनरेटर नहीं चलाया गया था। इसके साथ ही ऑक्सीजन तक नहीं था। सहीदुन के पति अंसारी ने अस्पताल और डॉक्टरों पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए कड़ी सजा की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल के कारण उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चे को खो दिया है। जानकारी के अनुसार, परिवार के पास मोबाइल फोन की रोशनी में डिलीवरी करने की ऑपरेशन थिएटर की कुछ फोटो और वीडियो है। मां और बच्चे की मौत के बाद परिवार ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद बीएमसी की आंखें खुली और जांच के आदेश दिए गए हैं।

बता दें कि बीएमसी के पूर्व पार्षद जागृति पाटिल ने बताया कि उन्होंने इस मामले में मुंबई के उत्तर पूर्व लोकसभा क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार मिहिर कोटेचा से बात की है, जिसके बाद बीएमसी ने जांच करते हुए कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अस्पताल की हालत बहुत खराब है और ये पहली शिकायत नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल को लेकर कई बार शिकायतें आई हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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