मुंबई

घरेलू हिंसा मामले में मंत्री धनंजय मुंडे पाए गए दोषी, पत्नी-बेटी को हर महीने देने होंगे दो लाख रुपये; अदालत का फैसला

Dhananjay Munde: मुंबई के बांद्रा फैमिली कोर्ट ने घरेलू हिंसा मामले में मंत्री धनंजय मुंडे को दोषी पाया है। कोर्ट ने उन्हें अपनी पत्नी और बेटी को मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। अदालत ने मंत्री धनंजय मुंडे को अलग रह रही पत्नी, बेटी को दो लाख रुपये महीना देने को कहा। करुणा शर्मा खुद को मंत्री धनंजय मुंडे की पहली पत्नी होने का दावा किया है।

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अदालत ने मंत्री धनंजय मुंडे को अलग रह रही पत्नी, बेटी को दो लाख रुपये महीना देने को कहा।

Mumbai News: महाराष्ट्र के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे को घरेलू हिंसा मामले में दोषी पाया गया है। बांद्रा फैमिली कोर्ट ने शिकायतकर्ता करुणा शर्मा के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने धनंजय मुंडे को शर्मा को 1.25 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया है। करुणा शर्मा ने शुरू में भरण-पोषण के लिए ₹15 लाख प्रति माह की मांग की थी, जबकि अदालत ने अंतिम राशि तय करने से पहले ₹2 लाख देने का आदेश दिया। घरेलू हिंसा के आरोपों को अदालत द्वारा सही ठहराए जाने के बाद यह फैसला आया है, जो वरिष्ठ राकांपा नेता के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी झटका है।

पत्नी और बेटी को हर महीने देने होंगे दो लाख रुपये

मुंबई की एक पारिवारिक अदालत ने राकांपा नेता और महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे को अलग रह रही पत्नी और बेटी को दो लाख रुपये प्रति माह अंतरिम गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। करुणा शर्मा खुद को धनंजय मुंडे की पहली पत्नी होने का दावा किया है। मुंडे की पहली पत्नी ने 2020 में उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था और अदालत ने अभी तक मुख्य याचिका के संबंध में कोई आदेश पारित नहीं किया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के पहली पत्नी से दो बच्चे हैं।

गुजारा भत्ता का हकदार नहीं है धनंजय मुंडे का बेटा

याचिकाकर्ता ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत अंतरिम गुजारा भत्ता और मुआवजे का अनुरोध किया है। बांद्रा की पारिवारिक अदालत ने मंगलवार को मुंडे को अंतरिम गुजारा भत्ता के रूप में महिला को 1,25,000 रुपये प्रति माह और उनकी बेटी को 75,000 रुपये प्रति माह देने का निर्देश दिया। हालांकि, अदालत ने उनके दूसरे बच्चे के लिए कोई राहत देने से इनकार कर दिया और कहा कि पुत्र होने के नाते वह गुजारा भत्ता का हकदार नहीं है क्योंकि वह वयस्क हो गया है।

गौरतलब है कि मुंडे इस समय बीड जिले में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से संबंधित जबरन वसूली के मामले में अपने करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड की गिरफ्तारी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

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