मुंबई

Fire in Mumbai: चेंबूर के सिद्धार्थ कॉलोनी में लगी आग से मरने वालों की संख्या बढ़ी, 7 लोगों की मौत

Breaking News: महाराष्ट्र के मुंबई में एक बार फिर आग का तांडव देखने को मिला है। जहां एक दुकान में लगी आग में झुलसकर 7 लोगों की मौत हो गई। दुकान के इलेक्ट्रिक वायरिंग में अचानक लग गई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन (BMC) ने इस हादसे के बारे में जानकारी साझा की है।

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मुंबई की दुकान में आग (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : iStock

Big Breaking: मुंबई के चेंबूर इलाके में भीषण आग में झुलसकर मरने वालों की संख्यां 7 हो गई है। इससे पहले बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन (BMC) ने इस हादसे के बारे में जानकारी साझा की थी। बीएमसी ने पहले बताया था कि महाराष्ट्र के मुंबई के चेंबूर में आग की चपेट में आने से पांच की मौत हो गई है। हालांकि मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 पहुंच गई है।

आग में झुलसकर बच्चों समेत 7 लोगों की मौत

मुंबई के चेंबूर में आग लग गई। सिद्धार्थ कॉलोनी में एक चॉल के कमरे में आज सुबह करीब 5 बजे आग लगी। दमकल की 5 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। चॉल के नीचे बनी एक दुकान के इलेक्ट्रिक वायरिंग में अचानक आग लगी। आग और धुएं के चलते घर मे रह रहे लोग घायल हो गए। जिन्हें पास के राजावाड़ी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सभी 7 की मौत हो गई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।

डॉ. अजीत, एएमओ, राजावाड़ी अस्पताल से जानकारी ली गई, कुल 7 घायल बताए गए। सभी को मृत घोषित कर दिया गया।

1) प्रेसी प्रेम गुप्ता, महिला/6 वर्ष,

2) मंजू प्रेम गुप्ता, महिला/30 वर्ष

3) अनीता धर्मदेव गुप्ता, महिला/39 वर्ष

4) प्रेम छेदीराम गुप्ता, पुरुष/30 वर्ष

5) नरेंद्र गुप्ता, पुरुष/10 वर्ष

6) विधि छेदीराम गुप्ता, महिला/15 वर्ष

7) गीतादेवी धर्मदेव गुप्ता, महिला/60 वर्ष

मरने वालों में पति पत्नी दो बच्चे और एक रिश्तेदार

बीएमसी आपदा नियंत्रण ने रविवार को इस हादसे की जानकारी साझा की। शुरुआती जानकारी में बताया गया था कि उत्तरी मुंबई के चेंबूर उपनगर में एक दुकान में लगी भीषण आग में पांच लोगों की जलने से मौत हो गई। इनमें दो बच्चे भी थे। हादसे में दो लोग झुलस गए हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। भीषण हादसा सुबह करीब 5.15 बजे सिद्धार्थ कॉलोनी में हुआ। मरने वालों में पति पत्नी दो बच्चे और एक रिश्तेदार शामिल है। सभी सोए थे इसलिए आग लगने का आभास नहीं हुआ। हालांकि ताजा अपडेट के अनुसार, ये संख्या बढ़ चुकी है।

पीड़ितों को राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया

अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ग्राउंड फ्लोर स्थित दुकान में लगी। यहीं से बिजली की वायरिंग से होते हुए ऊपर के फ्लोर तक पहुंच गई। धीरे धीरे घर का सारा सामान जल गया। नीचे दुकान थी और ऊपर की मंजिल में परिवार रहता था। सूचना पर दमकल विभाग मौके पर पहुंचा। पीड़ितों को रेस्क्यू किया। आनन फानन में दमकल विभाग पीड़ितों को राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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