मुंबई

सरकार ने निकाला मुंबई के ट्रैफिक का हल, बदल जाएगा सफर का अंदाज; ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों कम

ट्रैफिक से अक्सर ही मुंबई का दम फूला रहता है। सड़कों, फ्लाईओवर और अंडरपास का जाल बिछने के बावजूद अक्सर मुंबई में लोगों को जाम की समस्या होती है। राज्य सरकार ने अब इसका भी हल निकाल लिया है। महाराष्ट्र सरकार ने यहां इलेक्ट्रिक वाटर टैक्सी चलाने की योजना बनाई है, जो इसी साल शुरू हो जाएगी।

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सरकार ने निकाला मुंबई के ट्रैफिक का हल!

Photo : PTI

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और देश की बड़ी-बड़ी हस्तियां यहां रहती हैं। यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या भी काफी होती है। कुछ लोग घूमने यहां पहुंचते हैं तो बाकी बिजनेस और जॉब के सिलसिले में मुंबई आते हैं। इन सबका दबाव मुंबई की सड़कों को ही झेलना पड़ता है, जिससे आर्थिक राजधानी जाम के मकड़जाल में फंस जाती है। अब महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में वाटर टैक्सी चलाने का प्लान बनाया है। वाटर टैक्सी चलने से मुंबई की सड़कों से ट्रैफिक जाम कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।

स्वीडन से आएंगी वाटर टैक्सी

सरकार ने स्वीडन की मशहूर कंपनी को 15 इलेक्ट्रिक वाटर टैक्सी का ऑर्डर दिया है। इलेक्ट्रिक होने के कारण यह प्रदूषण भी नहीं फैलाएंगी। हर एक इलेक्ट्रिक टैक्सी में एक बार में 15 यात्री सवार हो पाएंगे और सरकार की योजना इन्हें पॉपुलर रूट्स पर चलाने की है। जिसमें गेटवे ऑफ इंडिया से अलीबाग और एलिफेंटा द्वीप भी शामिल हैं। सरकार की योजना वाटर टैक्सी सर्विस को इसी साल चलाने की है।

पुरानी फेरी सर्विस का क्या होगा?

इलेक्ट्रिक वाटर टैक्सी आने के बाद लकड़ी की नावों का क्या होगा? यह प्रश्न स्वाभाविक है, लेकिन फिलहाल सरकार की योजना लकड़ी की पुरानी नावों को हटाने की नहीं है। पुरानी नावों को हटाने की बजाय यह इलेक्ट्रिक वाटर टैक्सी उनके साथ चलेंगी। यात्रियों अपनी मर्जी से क्लासिक फेरी और आधुनिक इलेक्ट्रिक वाटर टैक्सी में से अपनी यात्रा के साथी का चुनाव कर पाएंगे। इससे न सिर्फ यात्रियों को चुनाव करने की आजादी मिलेगी, बल्कि यह कदम पुराने नाव ऑपरेटरों को अपने काम को बेहतर तरीके से करने के लिए भी प्रेरित करेगा।

साउथ मुंबई को सिंधुदुर्ग जिले से जोड़ेगी रो-रो सर्विस

मुंबई में मजगांव से सिंधुदुर्ग जिले के मलवान तक जल्द ही नई रो-रो (रोल ऑन/रोल ऑफ) सर्विस शुरू होगी। इस यात्रा में करीब साढ़े चार घंटे का समय लगेगा। इस यात्रा के लिए रत्नागिरी, विजयदुर्ग और मलवान में जेट का निर्माण हो रहा है। माना जा रहा है कि आगामी गणपति उत्सव के दौरान यह सर्विस शुरू हो जाएगी।

ट्रैफिक जाम से कैसे मिलेगी मुक्ति?

गाड़ी लेकर जाने और ट्रैफिक में फंसने की बजाय मुंबई वाटर टैक्सी का नेटवर्क उपलब्ध होने पर सड़कों से गाड़ियां कम करने में मदद मिलेगी। तेज जलमार्ग से रास्ता तय करने के कारण मुंबई के कई महत्वपूर्ण हिस्सों से ट्रैफिक कम करने में मदद मिलेगी। सड़क परिवहन से वायु प्रदूषण भी बढ़ता है, जो इलेक्ट्रिक वाटर टैक्सी पर स्विच होने से कम होगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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