मुंबई

Mumbai में नस्लीय हिंसा : मणिपुर के युवाओं को 'नेपाली' कहकर पीटा, पीड़ितों ने पुलिस से की कार्रवाई की मांग

Mumbai News: मुंबई में एक मामूली बात पर मणिपुर के युवाओं को नेपाली कहते हुए स्थानीय लोगों ने मारपीट की। इस दौरान 10 से अधिक लोगों के समूह ने महिला को भी थप्पड़ मारे। पीड़ितों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

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मणिपुर के युवाओं को 'नेपाली' कहकर पीटा

Mumbai Crime: मुंबई में नस्लीय पूर्वाग्रह के लगातार बढ़ते मुद्दे को उजागर करने वाली एक और घटना सामने आई है। यहां बुधवार रात खार डांडा इलाके में मणिपुर के तीन युवकों के एक समूह पर 10 से ज्यादा स्थानीय लोगों के समूह ने कथित तौर पर हमला किया और उन्हें क्रूर नस्लीय दुर्व्यवहार का शिकार बनाया। इस दौरान एक युवती पर भी हमला किया गया है। बताया जा रहा है कि मामला एक मामूली बात को लेकर शुरू हुआ था और देखते ही देखते हिंसा में बदल गया।

पीड़ितों ने पुलिस से की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग

जानकारी के अनुसार, सभी पीड़ितों की उम्र 21 से 24 साल के बीच है और वे सभी मुंबई में काम के सिलसिले में आए थे। बता दें कि अभी तक खार पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। पीड़ितों की पहचान थानरेइसेम शिमराह, सोलन खामुइवो, युरेइहोर काशुंग और नगाचनवोन शाइजा के रूप में हुई है और इन्होंने खार पुलिस स्टेशन में आधिकारिक तौर पर पत्र लिखकर तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

मामूली विवाद ने लिया हिंसा का रूप

बताया जा रहा है कि हिंसा की शुरुआत एक छोटे से विवाद पर हुई। सोलन खमुइवो, जो एक स्थानीय पालतू जानवरों के सैलून में काम करता है। कथित तौर पर वह खड़ी बाइक पर बैठने की कोशिश कर रहा था। तभी वह और बाइक दोनों गिर गए, जिससे कुछ स्थानीय लोगों का ध्यान उसकी ओर गया और उन्होंने तुरंत उसे गालियां देना शुरू कर दिया। डर के कारण सोलन मौके से भाग गया।

लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। यह मामला इतना बढ़ गया कि करीब 10 लोगों के एक समूह ने सोलन की तलाश शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, खार डांडा इलाके में पूर्वोत्तर के निवासियों की एक बड़ी आबादी रहती है, और चौंकाने वाली बात यह है कि भीड़ कथित तौर पर उसे ढूंढते हुए आसपास के अन्य पूर्वोत्तर निवासियों के घरों में घुसने लगी और गाली-गलौज करने लगी।

महिलाओं के साथ मारपीट

स्थिति तब बिगड़ गई जब थानरेइसम शिमराह, युरेइहोर काशुंग और नगाचनवोन शाइजा वहां से गुजर रहे थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और मारपीट शूर कर दी। इतना ही नहीं भीड़ ने महिला नगाचनवोन को भी निशाना बनाया और उसे कई थप्पड़ मारे। इस भयावह अनुभव के बारे में बताते हुए, थानरेइसेम शिमराह ने कहा, "वे सभी नशे में लग रहे थे। हम भी भारतीय हैं। वे हमें नेपाली और बाहरी कहते रहे। उन्होंने हमें बताया कि वे इस इलाके के स्थानीय निवासी हैं और हम बाहरी हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैं भी भारतीय हूं और यह मेरा देश भी है।"

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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