मुंबई

कर्नाटक सरकार पर भड़के देवेंद्र फड़नवीस, बोले- शिवाजी का अपमान सहन नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने बेंगलुरु के शिवाजीनगर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर सेंट मैरी रखने के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और मराठी गौरव व ऐतिहासिक भावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया।

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सीएम फड़नवीस ने बेंगलुरु के शिवाजीनगर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर “सेंट मैरी” रखने के प्रस्ताव पर कड़ा हमला बोला।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेंगलुरु के शिवाजीनगर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर “सेंट मैरी” रखने के प्रस्ताव पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने इसे छत्रपति शिवाजी महाराज और मराठी अस्मिता का सीधा अपमान करार दिया और कहा कि महाराष्ट्र और मराठी समुदाय की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

फड़नवीस ने कहा, “हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि सिद्धारमैया को सद्बुद्धि दें कि वे धर्म पर आधारित और मराठा योद्धा राजा के खिलाफ ऐसा निर्णय न लें। छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम हटाना और किसी धार्मिक आधार पर स्टेशन का नाम रखना पूरी तरह अस्वीकार्य है।”

नेहरू के समय से ही शिवाजी महाराज का अपमान होता रहा: सीएम फडणवीस

मुख्यमंत्री ने कर्नाटक सरकार और कांग्रेस पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का पुराना रवैया है और नेहरू के समय से ही शिवाजी महाराज का अपमान होता रहा है। आज भी उनके सहयोगी इतिहास और मराठी सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि उनकी सरकार शिवाजीनगर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने पर विचार कर रही है, क्योंकि सेंट मैरी बेसिलिका के वार्षिक भोज के दौरान उनसे अनुरोध किया गया था।

इसी बीच, डीके शिवकुमार ने प्रस्ताव का बचाव करते हुए कहा कि हमने केवल चर्चा की है और संत मैरी के नाम रखने की अपील स्वीकार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है और अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।

हालांकि, फड़नवीस के तीखे बयान के बाद यह मुद्दा सियासी तूफ़ान का रूप ले चुका है, और महाराष्ट्र-कर्नाटक के बीच मराठी अस्मिता और धार्मिक भावनाओं को लेकर बहस तेज होती जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों राज्य इस विवाद को किस दिशा में मोड़ते हैं।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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