Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अजित पवार ने महाराष्ट्र की 'माझी लाडकी बहीण योजना' पर उठ रहे सवालों पर पहली बार कोई बात कही है और उसकी खामियों को भी स्वीकार कर लिया है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई 'मेरी लड़की बहना योजना' के बारे में माना कि इसमें कुछ चूक हुई है। इस योजना के तहत राज्य की गरीब महिलाओं को हर महीने 15 सौ रुपए का लाभ दिया जा रहा था, लेकिन चुनाव के बाद इसे बंद करने की बात कही गई थी। महायुति सरकार ने वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर महिलाओं को 21 सौ रुपए दिए जाएंगे। हालांकि, योजना को लागू करने में कई समस्याएं सामने आई हैं, जैसे कि कई महिलाओं ने फर्जी दस्तावेजों दाखिल करके योजना का गलत लाभ उठाया।
अजित पवार ने स्वीकारी गलती
इन सारे घटनाक्रमों के बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सार्वजनिक रूप से इस बात को स्वीकार किया है कि इस योजना को लागू करने में गलती हुई थी। यह पहली बार है जब उन्होंने इस बारे में कोई बयान दिया है। अजित पवार ने स्वीकार किया कि योजना के तहत आवेदनों की समीक्षा करने का समय नहीं था, जिसके कारण कुछ लोग जो लाभ के दायरे में नहीं आते थे, वो भी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, "अब हम जो पैसा दे चुके हैं उसे वापस नहीं ले सकते" और यह भी माना कि सभी को लाभ देना गलत था।
मांगा गया इस्तीफा
अजित पवार के इस कबूलनामे के बाद ठाकरे खेमे के सांसद संजय राउत ने पवार के इस्तीफे की मांग कर दी। संजय राउत ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के वित्त विभाग में बड़ा घोटाला हुआ है। यह लूट वित्त विभाग के माध्यम से हुई है और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। राउत ने यह भी कहा कि प्यारी बहनों ने नहीं, बल्कि प्यारे भाइयों ने नाम बदलकर सैकड़ों करोड़ रुपये का फायदा उठाया। सरकारी कर्मचारियों ने भी इसका फायदा उठाया और आपने इसे लेने दिया। आपने जांच नहीं की, क्योंकि आपको वोट चाहिए थे।
