Bombay High Court: बंबई हाई कोर्ट ने बुधवार को नौसेना अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पूछा कि क्या अधिकारी तब सो रहे थे जब आईएनएस शिकरा के पास 23 मंजिला ऊंची इमारत बन रही थी, जो साउथ मुंबई में नेवी का सबसे बड़ा एयर स्टेशन है।
परियोजना रोकने की मांग
यह टिप्पणी न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति अभय मंत्री की पीठ ने उस याचिका की सुनवाई के दौरान की, जो आईएनएस शिकरा के कमांडिंग ऑफिसर की ओर से दायर की गई है। नौसेना ने इस परियोजना को रोकने की मांग करते हुए कहा कि यह संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठान की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
अदालत ने कहा, ''क्या आप इतने समय से सो रहे थे?'' अदालत ने पूछा कि निर्माण कार्य जब 2021 में शुरू हुआ था तो इसे शुरुआत में ही क्यों नहीं रोका गया। इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुंबई यात्रा से पहले सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगा दी थी।
कब होगी मामले की अगली सुनवाई
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को नौसेना की ओर से पेश वकील आर वी गोविलकर ने अदालत को बताया कि इलाके में 53.07 मीटर तक निर्माण की अनुमति दी गई थी। इस पर पीठ ने कहा कि उन्हें सुरक्षा चिंताओं के बारे में पता है, लेकिन अंतरिम आदेश के तहत 53.07 मीटर तक निर्माण की अनुमति दी जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवाई को तय की गई है।
हालांकि, पीठ ने यह भी कहा कि नौसेना अधिकारियों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए था। न्यायमूर्ति घुगे ने कहा, ''क्या आप इतने समय से सो रहे थे... नौसेना को और ज्यादा सावधान रहना चाहिए था। एयर स्टेशन के आसपास नियमित निगरानी रखनी चाहिए थी, ताकि इस तरह के निर्माण कार्य न हो सकें।''
हाई कोर्ट ने कहा कि नौसेना एयर स्टेशन जैसे प्रतिष्ठान देश की सुरक्षा के लिए सबसे अहम हैं। अदालत ने कहा, ''ये डिफेंस फोर्स हैं। उनकी वजह से ही हम सुरक्षित हैं। हम सुरक्षा के मुद्दों के हल्के में नहीं लेंगे।'' पीठ ने कहा कि अंतरिम आदेश में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अंतिम सुनवाई के बाद यदि बिल्डिंग को सुरक्षा के लिहाज से खतरा पाया जाता है तो उसे गिरा दिया जाएगा।
