केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश में जारी छात्र आंदोलन अब समाप्त हो गया है। शनिवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के प्रतिनिधिमंडल (जिसमें जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल थे) और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच एक और दौर की उच्चस्तरीय वार्ता हुई। इस बैठक के दौरान सरकार ने सीजेपी प्रतिनिधियों की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद आंदोलन को समाप्त करने पर सहमति बनी।
बातचीत के बाद आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी के प्रतिनिधि आशुतोष रांका और सौरभ दास ने आधिकारिक रूप से आंदोलन वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने पिछले कई दिनों से सड़कों और जंतर-मंतर पर डटे छात्रों का आभार व्यक्त किया और उनसे अपील की कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपने-अपने घर लौटें और पढ़ाई पर ध्यान दें। हालांकि, दिल्ली में छात्र आंदोलन खत्म होने के साथ ही इसकी गूंज अब बिहार की राजनीति में सुनाई देने लगी है।
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जनशक्ति जनता दल के संस्थापक और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट के जरिए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके से तुरंत बिहार आने की अपील की है। तेज प्रताप यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि बिहार के वर्तमान राजनीतिक हालात को देखते हुए एक कड़े और मजबूत जनांदोलन की सख्त जरूरत है।
उन्होंने अभिजीत दीपके से आग्रह किया कि वे बिहार की धरती पर आएं, जनता की आवाज बनें और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने में मदद करें। तेज प्रताप ने भरोसा जताया कि परिवर्तन की इस लड़ाई में उनकी पार्टी और समर्थक सीजेपी का पूरा साथ देंगे और कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।
