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धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, राजनाथ सिंह, नितिन नवीन समेत भाजपा के दिग्गजों ने दिया समर्थन, बोले- राष्ट्रहित और युवाओं के लिए लिया बड़ा फैसला

नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इसे छात्रों के हित और नैतिक जवाबदेही से जुड़ा फैसला बताया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर कई मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेताओं ने कहा कि यह कदम सरकार की छात्र हितों के प्रति प्रतिबद्धता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के संकल्प को दर्शाता है।

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धर्मेंद्र प्रधान (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Dharmendra Pradhan Resignation: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, "देश के युवाओं और छात्रों की भावनाओं तथा उनकी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।" उन्होंने आगे कहा कि नीट परीक्षा, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों को लेकर छात्रों की जो भी चिंताएं हैं, उन पर सरकार पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य केवल समस्याओं का समाधान करना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि छात्रों को यह महसूस हो कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है और उनकी बातों को महत्व दिया जा रहा है।

राजनाथ सिंह ने जताया विश्वास

राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि अब देश के युवा पूरी निष्ठा के साथ अपनी पढ़ाई, अपने सपनों और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करेंगे तथा विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। रक्षा मंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में समर्पित प्रयासों का प्रतीक रहा है। उन्होंने शिक्षा और जनसेवा के क्षेत्र में समावेशी, दूरदर्शी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कई महत्वपूर्ण पहल कीं, जो न्यू इंडिया की आकांक्षाओं के अनुरूप रही हैं। गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले छात्रों का आंदोलन लगातार जारी था। लंबे समय तक चले इस प्रदर्शन के बाद छात्रों की प्रमुख मांग को स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

प्रधान का इस्तीफा ईमानदारी के उच्चतम मानदंडों को दर्शाता है- नितिन नवीन

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का हटने का फैसला सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के उच्चतम मानकों को दर्शाता है और पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। नवीन ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर प्रधान ने भारत के शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने और अहम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) को सफलतापूर्वक लागू करने के साथ-साथ अन्य पहल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भाजपा अध्यक्ष ने X पर एक पोस्ट में कहा, "बड़े हितों को प्राथमिकता देते हुए, उनका पद छोड़ने का फैसला सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के उच्चतम मानकों को दर्शाता है। पार्टी इस फैसले में धर्मेंद्र प्रधान जी के साथ मजबूती से खड़ी है।" नवीन ने कहा, "मैं उनके भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।"

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कही ये बात

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा व्यवस्था में अहम योगदान दिया और सार्थक सुधार किए। उन्होंने X पोस्ट करते हुए कहा, "धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सार्वजनिक जीवन में हर जिम्मेदारी को लगन, ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ निभाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने में अहम योगदान दिया।" उन्होंने कहा कि प्रधान के कार्यकाल में भारतीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा मिला, साथ ही तकनीकी और उच्च शिक्षा का विस्तार हुआ, जिससे विद्यार्थियों के लिए नए अवसर सृजित हुए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगे कहा, "राष्ट्रीय हित को सबसे ऊपर रखते हुए प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह फैसला सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों, गरिमा और सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" मुख्यमंत्री ने देश की सेवा जारी रखने के लिए प्रधान को सफलता की शुभकामनाएं दीं।

भाजपा परिवार धर्मेंद्र प्रधान के साथ है

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि, "देश की शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार करने का काम श्री धर्मेंद्र प्रधान इन्होंने किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में उनकी अहम भूमिका रही। पीएम श्री स्कूल, आईआईटी का विदेशों में विस्तार, प्रवेश परीक्षाओं का 19 भाषाओं तक विस्तार ऐसे कई सुधार उन्होंने किए। व्यापक समाज हित के लिए अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए उन्होंने आज अपना त्यागपत्र दिया। राष्ट्रहित को उन्होंने व्यक्तिगत हित से अधिक महत्व दिया, यही भाजपा के सच्चे कार्यकर्ता का परिचय है। समूचा भाजपा परिवार उनके साथ है।"

सच्चे नेतृत्व का आकलन दशकों के कार्यों से होता है- किरेन रीजीजू

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का सार्वजनिक जीवन और छात्र कल्याण के प्रति आजीवन समर्पण उनकी यात्रा का प्रमाण है। रीजीजू ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, "सच्चे नेतृत्व का आकलन दशकों के कार्यों से होता है और डॉ. धर्मेंद्र प्रधान की यात्रा सार्वजनिक जीवन तथा छात्र कल्याण के प्रति आजीवन समर्पण का प्रमाण है।" उन्होंने अपनी और प्रधान की एक पुरानी तस्वीर भी साझा की। तावड़े ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का सार्वजनिक जीवन छात्र आंदोलनों से शुरू हुआ था और देश के शिक्षा मंत्री का दायित्व संभालना उनकी राजनीतिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने कहा, "अपने कार्यकाल के दौरान प्रधान ने शिक्षा के महत्व को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में बनाए रखने का लगातार प्रयास किया।" तावड़े ने कहा, "मैं आपके सार्वजनिक जीवन की भावी जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देता हूं और आशा करता हूं कि राष्ट्र प्रथम की आपकी भावना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में हमेशा बनी रहेगी।" वहीं भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए प्रधान के इस्तीफे को देश के युवाओं और जेनरेशन-जेड (Gen-Z) के प्रति संवेदनशीलता का अभूतपूर्व उदाहरण बताया। मनोज तिवारी ने कहा कि (प्रधान का) यह इस्तीफा कठिन समय में छात्रों के साथ खड़े रहने की सत्तारूढ़ दल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसी दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि किसी भी मजबूत राष्ट्र की पहचान उसकी शिक्षा व्यवस्था से होती है और धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में इस विचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

धर्मेंद्र प्रधान का आभार व्यक्त करता हूं- मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनके चार दशक लंबे सार्वजनिक जीवन में दिखाई गई जिम्मेदारी और जवाबदेही की भावना का ही परिचायक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करने में धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व की देश की शिक्षा व्यवस्था पर स्थायी छाप रहेगी। सावंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने के बाद केंद्रीय मंत्री के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हुए प्रधान ने ’’दृढ़ विश्वास और अथक ऊर्जा’’ के साथ देश की सेवा की। उन्होंने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान जी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया है। यह फैसला उनके चार दशक लंबे सार्वजनिक जीवन में दिखाई गई जिम्मेदारी की उसी भावना को दर्शाता है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का नेतृत्व करते हुए प्रधान ने महत्वपूर्ण योगदान दिया और उज्ज्वला योजना का लाभ करोड़ों परिवारों तक पहुंचाया। सावंत ने आगे कहा, "छात्र राजनीति से लेकर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का नेतृत्व करने, उज्ज्वला योजना का लाभ करोड़ों घरों तक पहुंचाने और बाद में शिक्षा मंत्रालय का नेतृत्व करने तक प्रधान ने दृढ़ विश्वास और अथक ऊर्जा के साथ राष्ट्र की सेवा की। मैं धर्मेंद्र प्रधान की समर्पित सेवाओं के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं।" उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धर्मेंद्र प्रधान विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे भी अपना योगदान देते रहेंगे।

कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा ये

कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों के साथ-साथ राहुल गांधी और कांग्रेस ने भी इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की। बी.वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि देश के कई हिस्सों में हिंसक घटनाएं देखने को मिलीं, जो दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि नीट परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था की जाएगी और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी दी प्रतिक्रिया

वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रतिक्रिया देते हुए X पर लिखा कि, "माननीय श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में भारत की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा, नई सोच और नई गति प्रदान की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन सहित उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने करोड़ों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी। राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए उनका पद छोड़ने का निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, जवाबदेही और निस्वार्थ सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण है। आपके अनुभव, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा का यह सफर निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त करे, यही शुभकामना है।"

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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