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जबलपुर हाई कोर्ट में जज के सामने भ्रूण लेकर पहुंचा शख्स, कहा - 'मेरे बच्चे की मौत के बाद अब मेरी बारी'

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जबलपुर बेंच में एक व्यक्ति ने सुनवाई के दौरान जज की डाइस पर मृत भ्रूण रख दिया और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई। उसका आरोप है कि उस पर कई बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और भ्रूण को नियमों के अनुसार डिस्पोस कराया।

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सांकेतिक फोटो

Photo : iStock

Jabalpur News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जबलपुर बेंच में सोमवार को एक अजीबोगरीब घटना हुई। जहां एक व्यक्ति ने सुनवाई के दौरान जज के सामने मृत भ्रूण रख दिया। इस घटना से कोर्ट रूम में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, रीवा निवासी दयाशंकर पांडे कोर्ट नंबर 17 में एक थैली में मृत भ्रूण लेकर पहुंच गया। उसने जस्टिस हिमांशु जोशी के सामने जज की डाइस पर भ्रूण रख दिया और अपनी जान बचाने की गुहार लगाने लगा। इस घटना के बाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने ले गई।

परिवार और खुद की सुरक्षा की मांग

दयाशंकर पांडे ने अपने और परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान जब उसकी बारी आई तो वह कोर्ट में भ्रूण के साथ पहुंचा। जहां दयाशंकर पांडे ने कोर्ट से कहा कि उसके बच्चे की मौत हो गई है और अब उसकी बारी आने वाली है, जिस पर कोर्ट ने उसे न्याय मिलने का भरोसा दिलाया।

दो साल में चार बार हमले का आरोप

पांडे का आरोप है कि पिछले दो सालों में चार बार उसकी जान लेने की कोशिश की जा चुकी है। उसने बताया कि 19 अप्रैल 2024, 9 मई 2025, 6 नवंबर 2025 और 1 मार्च 2026 को उस पर हमला किया गया। आरोपियों ने 1 मार्च को उसपर कार चढ़ाने की कोशिश की, जिसमें उसकी गर्भवती पत्नी घायल हो गई थी। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। इसी मृत भ्रूण को लेकर वह कोर्ट पहुंचा था।

शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई

दयाशंकर पांडे का आरोप है कि उसने कई बार इन हमलों की शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से की। लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद उसने जिला अदालत और फिर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उसकी याचिका पर अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई हो रही है।

क्यों हो रहे हमले?

दयाशंकर पांडे के अनुसार उसने जबलपुर की शुभ मोटर्स कंपनी में साल 2018 से 2025 तक अकाउंटेंट के रूप में काम किया है। इस दौरान उसे कंपनी में लगभग 200 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के बारे में पता चला। जिसकी शिकायत उसने मारुति सुजुकी प्रबंधन से लेकर राष्ट्रपति तक से की थी। पांडे का आरोप है कि इसी कारण उसकी जान लेने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस ने थाने में की पूछताछ

इस घटना के बाद हाई कोर्ट की सुरक्षा टीम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जिसके बाद दयाशंकर पांडे और उनकी पत्नी को थाने लाया गया और उनसे पूछताछ की गई। साथ ही उन्हें इंसाफ दिलाने का भरोसा भी दिया गया। पुलिस ने मृत भ्रूण को अपने कब्जे में लेकर नियमों के अनुसार उसका डिस्पोजल करा दिया। फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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