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Greater Noida News: दिवाली पर यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा ईस्टर्न पेरिफरल, डायरेक्ट कनेक्टिविटी से बचेगा टाइम

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला इंटरचेंज दिवाली से पहले शुरू हो सकता है। 15 अक्टूबर तक काम पूरा होने के बाद यहां ट्रायल शुरू होगा।

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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज दिवाली तक होगा तैयार (AI Image)

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा और आसपास के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। क्योंकि ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला इंटरचेंज दिवाली से पहले शुरू होने की उम्मीद है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना का लगभग 80 फीसद काम पूरा हो चुका है और बाकी काम अगले महीने पूरा करने का लक्ष्य है।

YEIDA के CEO आरके सिंह ने बताया कि इंटरचेंज का मुख्य स्ट्रक्चर तैयार है। अब बिटुमिन रिसर्फेसिंग, रिटेनिंग वॉल, रोड मार्किंग और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे अंतिम काम चल रहे हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने परियोजना को 15 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद ट्रायल किए जाएंगे और जरूरी मंजूरी मिलने पर इसे दिवाली से पहले आम लोगों के लिए खोला जा सकता है।

15-20 किमी का चक्कर होगा खत्म

बता दें कि फिलहाल EPE और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच कोई सीधा लिंक नहीं है। ऐसे में EPE से आने वाली गाड़ियों को सिरसा गांव और बिल अकबरपुर एग्जिट के रास्ते करीब 15 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। इससे सफर लंबा होने के साथ आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ जाता है। इस इंटरचेंज के शुरू हो जाने से लोगों के करीब 30 मिनट बचेंगे।

जगनपुर-अफजलपुर गांव के पास बन रहा यह क्लोवरलीफ इंटरचेंज यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। इसके शुरू होने के बाद EPE से आने वाली गाड़ियां सीधे यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकेंगी। इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ पलवल, कुंडली, गाजियाबाद और मेरठ की ओर आवाजाही भी आसान होने की उम्मीद है।

83 हेक्टेयर में बना है इंटरचेंज

इस इंटरचेंज को लगभग 83 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसमें चार एंट्री और चार एग्जिट रैंप होंगे, जिनकी कुल लंबाई करीब 13 किलोमीटर है।

270 करोड़ रुपये तक पहुंची इंटरचेंज की लागत

इस परियोजना की परिकल्पना साल 2019 में की गई थी। शुरुआत में इसकी अनुमानित लागत सिर्फ 75.5 करोड़ रुपये रखी गई थी और 18 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य भी था। हालांकि, जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों के विरोध के कारण निर्माण कार्य लंबे समय तक अटका रहा।

270 करोड़ रुपये की लागत

अप्रैल 2025 में उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने परियोजना को NHAI को ट्रांसफर करने की मंजूरी दी। इसके बाद संशोधित परियोजना लागत बढ़कर लगभग 270 करोड़ रुपये हो गई। YEIDA की ओर से प्रभावित किसानों को 64 फीसद अतिरिक्त मुआवजा मंजूर किए जाने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आई है।

अब सभी की निगाहें 15 अक्टूबर की डेडलाइन और उसके बाद होने वाले ट्रायल पर हैं। अगर सभी तकनीकी मंजूरियां समय पर मिलती हैं तो दिवाली से पहले यह इंटरचेंज आम ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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