Bihar News: सनातन परंपरा में पूर्वजों के मोक्ष और तर्पण के पर्व 'पितृपक्ष' के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध 17 दिवसीय पितृपक्ष मेले की शुरुआत आज, 25 सितंबर से हो रही है। इस विश्व प्रसिद्ध मेले का औपचारिक उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गयाजी स्थित प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर प्रांगण से करेंगे। यह मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें देश के कोने-कोने के साथ-साथ विदेशों से भी लाखों श्रद्धालुओं और पिंडदानियों के पहुंचने की संभावना है।
दर्शन के बाद गांधी मैदान में जनसभा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सबसे पहले विष्णुपद मंदिर पहुंचकर भगवान विष्णु के दर्शन और पूजन करेंगे। इसके बाद वे विष्णुपद प्रांगण में आयोजित भव्य समारोह में मेले का विधिवत उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री गयाजी के गांधी मैदान पहुंचेंगे, जहां वे श्रद्धालुओं और नागरिकों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह, जिला प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा और पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता समेत कई प्रमुख मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित रहेंगे।
'पिंडदान गयाजी' मोबाइल ऐप और डिजिटल सुविधाएं
इस वर्ष प्रशासन ने पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ-साथ डिजिटल तकनीक पर विशेष जोर दिया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ऐप लॉन्च किया गया है, जिस पर एक क्लिक में पिंडदान की सभी 45 वेदियों की जानकारी, कर्मकांड के नियम, अधिकृत पंडा-पुरोहितों की सूची, आवासन और पार्किंग स्थलों की लोकेशन उपलब्ध होगी। गांधी मैदान में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 2500 क्षमता वाली आधुनिक वाटरप्रूफ टेंट सिटी बनाई गई है। बुजुर्ग और असहाय पिंडदानियों की सुगम आवाजाही के लिए 150 निःशुल्क ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं।
सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्था: 6000 से अधिक पुलिस बल तैनात
मेला क्षेत्र में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए 6000 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवानों की तैनाती की गई है। विष्णुपद मंदिर में 43 और गया जंक्शन पर 94 हाई-डेफिनिशन कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के लिए वॉच टावर और ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जा रहा है। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने निर्बाध बिजली के लिए विष्णुपद के पास एक मुख्य नियंत्रण कक्ष और पूरे मेला क्षेत्र में 20 छोटे कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।
पुनपुन नदी घाट पर भी पहला तर्पण, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
त्रिपाक्षिक गयाश्राद्ध करने वाले पिंडदानी अपने कर्मकांड की शुरुआत पुनपुन नदी या गोदावरी तालाब से करते हैं। पटना के पुनपुन में भी अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेले को लेकर पुनपुन नदी घाट तैयार है, जहां लगभग दो लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती और 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 15 अस्थायी शौचालयों के साथ-साथ एंबुलेंस, मेडिकल कैंप, फायर ब्रिगेड और चलित एटीएम की व्यवस्था की गई है। एनएच-22 के पास क्षतिग्रस्त रास्ते को लोहे के गार्डर से ढका गया है।
