भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित 'किताब से कल तक' कार्यक्रम के दौरान स्कूल की छात्र कैबिनेट से विशेष संवाद किया। इस अनूठी भेंट में मुख्यमंत्री ने छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विवेकपूर्ण उपयोग, सड़क पर घायल राहगीरों की मदद करने के मानवीय मूल्यों और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारत का संधि विच्छेद करें तो भा का अर्थ है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए और रत का मतलब है लीन। जो अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाने में लीन है उसे कहते हैं भारत। इसी तरह गुरु शब्द का भी अर्थ है। भारत के संस्कारयुक्त जीवन के कारण उसे सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। हमें संस्कार संस्कृति से मिलते हैं। हमारी संस्कृति जियो और जीने दो की है, वसुधैव कुटुंबकम की संस्कृति है। हम अपना जीवन सभी के भले में लगाएं। उन्होंने कहा कि भारत ने ऋषि-मुनियों के मार्गदर्शन में अच्छी व्यवस्था खड़ी की।
कैबिनेट के सदस्यों से मिले सीएम डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूछा कि मैं यहां आया तो मुझे पता चला कि स्कूल में छात्राओं की कैबिनेट भी है। उन्होंने स्कूल कैबिनेट के सदस्यों को मंच बुलाया और सबका परिचय लिया। 12वीं क्लास की शिवानी ने सीएम डॉ. यादव को बताया कि मैं स्कूल की स्पोर्ट्स मिनिस्टर हूं। मैं स्पोर्ट्स पसंद करने वाले बच्चों के मन की बात शिक्षकों को बताती हूं। 12वीं कक्षा की सपना गिरी ने बताया कि मैं कल्चरल मिनिस्टर हूं। स्कूल में जितने सांस्कृतिक प्रोग्राम होते हैं, मैं उन्हें देखती हूं। 11वीं क्लास की दीपिका परते ने बताया कि मेरा काम अनुशासन बनाकर रखना है। मेरा काम छात्रों को सही मार्ग दिखाना है। शालिनी परतेले ने बताया कि मैं डिसिप्लीन मिनिस्टर हूं। मैं स्कूल का अनुशासन बनाए रखती हूं। ये सुनकर सीएम डॉ. मोहन यादव मुस्कुराए। उन्होंने कहा कि अनुशासन बनाने वाले के प्रति लोग नाराज रहते हैं। इस पर शालिनी ने जब कहा कि सारे बच्चे अच्छे हैं तो सीएम डॉ. यादव हंस पड़े। स्कूल की कैबिनेट मेंबर स्नेहा ने बताया मैं स्कूल की हैड गर्ल हूं।
इतना खास है यह स्कूल
स्कूल टीचर शिवानी शर्मा ने बताया कि वर्ष 1958 में स्थापित कमला नेहरू कन्या शासकीय विद्यालय अब मुख्यमंत्री यादव के सहयोग से सांदीपनि विद्यालय के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां नर्सरी से कक्षा 12वीं तक 1800 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। सांदीपनि विद्यालय में इन्हें सर्व सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। यहां विज्ञान, वाणिज्य और कला सहित अन्य पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय में स्मार्ट क्लासेस, कंप्यूटर लैब, गणित प्रयोगशाला, लाइब्रेरी है। राज्य स्तर पर स्कूल सर्टिफिकेशन में विद्यालय को सिल्वर अवॉर्ड मिला है। बोर्ड परीक्षाओं में परिणाम शत प्रतिशत रहा है। विद्यालय में कैबिनेट गठित करने के लिए ईवीएम ऐप से चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराते हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी चुनाव के लिए नामांकन करते हैं और 8 से 12वीं तक के विद्यार्थी वोटिंग करते हैं।
अपना दिमाग जरूर लगाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय देश के सबसे अच्छे विद्यालय हैं। कमला नेहरू स्कूल के 58 बच्चे मेरिट में उत्तीर्ण हुए हैं, यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर, सेना में अफसर बनें। विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में भी आगे बढ़ने की आवश्यकता है। अगर देश के लोकतंत्र को जीवित रखना है तो राजनीति में भी आने पड़ेगा। युवा शिक्षित होकर कृषि, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से आगे बढ़ें।
भाई-बहनों को पढ़ने के लिए करें प्रेरित
छात्रा लारा खत्री ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या आप इंस्टाग्राम यूज करते हैं और किसे फॉलो करते हैं? इस पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सोशल मीडिया के जमाने में हर राजनेता को वर्तमान जरूरतों के साथ चलना पड़ता है। इंस्टाग्राम भी हमें इस्तेमाल करना पड़ता है। मैं पीएम सर को फॉलो करता हूं। छात्रा एकता राजौरिया ने पूछा कि सिलेबस के साथ और कौनसी पुस्तकें पढ़ें, जो हमारे सामान्य ज्ञान को बढ़ाएं? सीएम डॉ. यादव ने कहा कि पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम की पढ़ाई के अलावा हमें अपने जीवन का लक्ष्य तय करके आगे बढ़ना चाहिए। टारगेट से जुड़े विषयों के अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए। ईश्वर ने हमें विशेष गुण दिया है कि जो जैसा सोचता है, वैसा बन जाता है। मैंने नौकरी नहीं की, खेती की और व्यवसाय किया। बेटी को डॉक्टर बनाया। अपने छोटे भाई-बहनों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
इस तरह कम करें तनाव
छात्रा आकांक्षा ने पूछा कि आप तनाव को हैंडिल करने के लिए क्या करते हैं? इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जिस स्थिति में हो, अपने मन को पहले से तैयार कर लें। मैं संगीत सुनता हूं, योग और व्यायाम भी करता हूं। तनाव कम करने के लिए दिन के साथ रात में नींद का भी समय निर्धारित करें। एक शिक्षिका ने बताया कि सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में कक्षाओं की शुरुआत आत्मीयता के साथ खुशनुमा माहौल में होती है। बच्चों को समूह में एक्टिविटी करवाई जाती है। शिक्षकों के प्रयास से विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है।
