मध्य प्रदेश के बड़वानी जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में रखी एक महिला के शव पर रात भर चींटियां रेंगती रहीं। डॉक्टरों की गैरमौजूदगी और 10 घंटे से अधिक समय तक पोस्टमार्टम न होने से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया।
इलाज के आधे घंटे बाद मौत
घटना रविवार शाम की है। नवलपुरा निवासी 58 वर्षीय राधाबाई को एक दुर्घटना के बाद शाम करीब 6:00 बजे बड़वानी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, भर्ती होने के महज आधे घंटे बाद शाम 6:30 बजे उनकी मृत्यु हो गई। नियमों के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएम रूम में रखवा दिया गया था।
फ्रीजर होने के बावजूद जमीन पर रखा शव
परिजनों का गंभीर आरोप है कि शव को पीएम रूम में रखने के बाद अस्पताल स्टाफ ने उसकी कोई सुध नहीं ली। सोमवार सुबह करीब 10:00 बजे तक जब पोस्टमार्टम के लिए कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा, तो परिजन खुद पीएम रूम में गए। वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए, शव के चेहरे और शरीर के कई हिस्सों पर चींटियां रेंग रही थीं। मृत महिला के बेटे राहुल ने कहा, " हमने कल शाम 6 बजे मां को भर्ती कराया था और 6:30 बजे उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को पीएम रूम में रख दिया गया। सुबह से हम डॉक्टर को फोन कर रहे हैं, आरएमओ और डॉ. बादल खरते आने की बात कहते रहे, लेकिन कोई नहीं आया। शव पर चींटियां चल रही हैं। यह जिला अस्पताल की बदहाल स्थिति है।"
अस्पताल में हंगामा
हंगामे की सूचना मिलते ही विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनड़े भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए और कहा, "शव कल शाम से यहां रखा था। जब हमने चादर हटाई तो पूरे शरीर पर चींटियां थीं। अस्पताल में फ्रीजर उपलब्ध होने के बावजूद शव को जमीन पर क्यों रखा गया? काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई मैनेजर या स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बात करने नहीं आया। यह बेहद गंभीर लापरवाही है।"
जांच का आश्वासन
घटना के बाद मचे हंगामे को देखते हुए डॉक्टरों की एक टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। मामले की जांच का आश्वासन मिलने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस पूरे मामले पर बड़वानी के सीएमएचओ डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। इस विषय में सिविल सर्जन से बात करके जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।
