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बिहारवासियों के लिए खुशखबरी! मोकामा के नए गंगा पुल से मिलेगी ट्रेनों को नई रफ्तार, इस महीने से होगा चालू

बिहार में उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाला मोकामा का गंगा पुल अब पूरी तरह तैयार हो चुका है, जो यात्रियों के समय की बचत और ट्रेनों की गति बढ़ाने में मदद करेगा।

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बिहार के मोकामा में नया गंगा पुल लगभग तैयार (सांकेतिक फोटो- AI)

Mokama Ganga Bridge Bihar: बिहार में उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाली अहम कड़ी, मोकामा का गंगा पुल, अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार के अनुसार, पुल का मुख्य ढांचा तैयार हो गया है और फिलहाल इसे पटना-झाझा मुख्य रेल लाइन से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। इस पुल के संचालन से न केवल ट्रेनों की गति में बढ़ोतरी होगी, बल्कि बरौनी और बेगूसराय की यात्रा करने वाले यात्रियों का समय भी बच सकेगा।

अंतिम चरण में है काम

दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार के अनुसार, पुल पर सिग्नलिंग, विद्युतीकरण और ट्रैक बिछाने का काम अब अंतिम चरण में है। अधिकारियों द्वारा लगातार इसका निरीक्षण किया जा रहा है ताकि इसे जून तक पूरी तरह से चालू किया जा सके। वहीं, राजेंद्र सेतु अब काफी पुराना हो चुका है, जिससे इस पर ट्रेनों की रफ्तार कम रहती है। नया पुल आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है, जो तेज गति वाली ट्रेनों और भारी भार को आसानी से संभाल सकेगा। इससे ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और यात्रियों का समय भी कम लगेगा।

दोनों सिरों पर रेल ओवर रेल (ROR) फ्लाईओवर

नए पुल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके दोनों सिरों पर रेल ओवर रेल (ROR) फ्लाईओवर बनाए गए हैं। इसके कारण मुख्य लाइन की ट्रेनें बिना रुके गुजर सकेंगी, जबकि उत्तर बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनें सीधे फ्लाईओवर से पुल पर चढ़ सकेंगी। इससे जाम और देरी की समस्या समाप्त हो जाएगी। यह पुल भविष्य में वंदे भारत और अमृत भारत जैसी तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन के लिए भी पूरी तरह सक्षम होगा। साथ ही, पटना में पाटलिपुत्र कोच कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी जारी है, जहां अगले दो सालों में इन ट्रेनों की मेंटेनेंस की सुविधा उपलब्ध होगी।

कई योजनाओं पर काम कर रही भारतीय रेलवे

रेलवे भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं पर काम कर रही है। पटना जंक्शन के विस्तार के लिए हार्डिंग पार्क की जमीन पर फेज-टू का काम शुरू हो गया है, जिसमें मेमू ट्रेनों के लिए अलग प्लेटफॉर्म और लिफ्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। इसके अलावा, डीडीयू से झाझा के बीच 400 किमी लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना को भी हरी झंडी मिल चुकी है। बख्तियारपुर से किउल खंड के बीच अतिरिक्त लाइनों के बनने से ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या समाप्त हो जाएगी और बिहार का रेल नेटवर्क देश के सबसे आधुनिक नेटवर्क में शामिल हो जाएगा।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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