मथुरा नाव हादसा : मथुरा जिले में शुक्रवार की शाम यमुना नदी में नौका पलटने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है और 5 लापता लोगों की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी है। इस मामले में नाविक को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं पुलिस ने दुर्घटना वाली नौका खेह रहे मल्लाह पप्पू निषाद तथा पीपा पुल की मरम्मत का कार्य करने वाले ठेकेदार नारायण शर्मा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुकदमे के मुताबिक, नाविक पर आरोप है कि उसने पहले तो नाव में बैठाने से पहले किसी भी तीर्थयात्री को तैरना न आने के बाद भी लाइफ जैकेट नहीं दी। यदि ऐसी सामान्य सावधानी बरती होती तो संभव है इतनी बड़ी जनहानि न होती। वैसे भी, उसकी नाव में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वृंदावन में जब नौका पलटी तब उसमें क्षमता से अधिक लोग सवार थे और किसी के पास भी ’लाइफ जैकेट’ नहीं थी। उन्होंने दुर्घटना का कारण सुरक्षा उपायों की कमी को बताया। मान ने कहा कि उनकी सरकार उत्तर प्रदेश प्रशासन से बात करेगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि पुलिस ने मांट थाने में नाविक पप्पू और पीपा पुल (पोंटून पुल) के ठेकेदार नारायण शर्मा के खिलाफ शुक्रवार शाम मुकदमा दर्ज किया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने भी एक और शव बरामद किए जाने की पुष्टि की है। हालांकि चार लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि लापता लोगों की तलाश फिलहाल यमुना नदी के 14 किलोमीटर के दायरे में केंद्रित है। नदी की धारा को देखते हुए ऐसा अंदेशा है कि लापता लोग काफी नीचे की ओर बह गए होंगे। सेना की ’स्ट्राइक वन कोर’ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मचारी 20 घंटे से अधिक समय से लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
नाविक का लाइसेंस नहीं-पुलिस
वृन्दावन थाना प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि नाविक पप्पू को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है जिस पर किसी भी यात्री को ’लाइफ जैकेट’ प्रदान करने में विफल रहने व यात्रियों की आपत्तियों के बावजूद तेज गति बनाए रखने का आरोप है। दूसरे, उसने लापरवाही व तेज गति से नाव चलाने के बाद बेहद डरे हुए तीर्थयात्रियों द्वारा कई बार गुहार किए जाने पर भी न तो नाव को रोका, और न ही उसकी गति कम की। पुल के पीपों के समीप पहुंचने के बाद जब वह चेता, तब तक देर हो चुकी थी। जिसके कारण पीपे से टकरा जाने के बाद नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। उसके बारे में यह भी ज्ञात हुआ है कि वह भी उन नाविकों में शामिल है, जिन्होंने नाव खेहने का कोई लाइसेंस नहीं बनवाया है।
इससे पहले पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेष कुमार पांडेय ने कहा कि नौका को बरामद कर लिया गया है। यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती थी। पिछले चार घंटे से हम नौका को निकालने की कोशिश कर रहे थे, जो पलटने के बाद गहरे दलदली इलाके में फंस गई थी। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने नौका को निकालने के लिए पेशेवर तरीके से काम किया। डीआईजी ने बताया कि दुर्घटना में घायल लोगों की हालत स्थिर है। शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है और उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
सांसद हेमा मालिनी ने जताया शोक
मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने इस घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुझे जान-माल के नुकसान के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं भगवान श्रीकृष्ण से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और मृतकों के परिजनों को शक्ति देने की प्रार्थना करती हूं।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के अनुसार, पंजाब के पर्यटकों को ले जा रही एक नौका शुक्रवार दोपहर वृंदावन में यमुना नदी में पलट गई, जिससे कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, 22 घायल हो गए और चार लोग लापता हैं। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना केसी घाट के पास उस समय हुई, जब नौका गहरे पानी में जाने के बाद एक तैरते हुए पोंटून (पीपा पुल का हिस्सा) से टकरा गई। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में जल स्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल को हाल में हटा दिया गया था, जिससे नदी में कुछ पोंटून खुले रह गए थे।
किनकी हुई मौत
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मृतकों की पहचान कविता रानी, चरनजीत, सपना हंस, रिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, पिंकी बहल, अंजू गुलाटी, इशान कटारिया, माणिक टंडन और मीनू बंसल के रूप में हुई है। लापता लोगों में पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मोनिका शामिल हैं। ये सभी पर्यटक पंजाब के लुधियाना और मुक्तसर से वृंदावन आए लगभग 150 तीर्थयात्रियों के एक बड़े समूह का हिस्सा थे।
