Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण बिगड़े बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देर रात नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। रीवा पहुंचने के बाद उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की और प्रदेश में बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद 30 अगस्त की सुबह मुख्यमंत्री चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का मौके पर निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल पहुंचकर बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की। उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री भी वितरित की। दरअसल, चित्रकूट क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते सेमरावल और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदियों में उफान आने से कई इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों के घरेलू सामान को नुकसान हुआ है। हालांकि प्रशासन की सतर्कता और समय रहते किए गए राहत-बचाव प्रयासों के चलते अब तक किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।
राहत और बचाव अभियान लगातार जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट में अत्यधिक बारिश के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ा, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पहले से अलर्ट था और अधिकारियों की सक्रियता के कारण किसी व्यक्ति की जान नहीं गई। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सुविधाएं तत्काल पहुंचाई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। साथ ही प्रशासन को लगातार जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछली रात रीवा में रुके थे सीएम मोहन यादव
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वह पिछली रात रीवा में रुके थे। उन्होंने बताया कि बाढ़ की स्थिति के दौरान दिन का समय होने और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर प्रशासन पहले से सतर्क था। प्रशासन की इसी तैयारी और तत्परता से किसी तरह की जनहानि को टाला जा सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार आई बाढ़ ने पिछले कई रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं, लेकिन इस समय सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और राहत-बचाव कार्य है। उन्होंने कहा कि जलस्तर सामान्य होने के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित तरीके से उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से मुलाकात के दौरान अधिकारियों को सूखा राशन और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बाढ़ के कारण जिन लोगों के पशुओं की मौत हुई है या जिनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उसका विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के आधार पर नियमानुसार पात्र प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
