Mathura Yamuna Expressway Accident: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में मंगलवार को हुए यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। हादसे वाले दिन मंगलवार को 13 मौतों की पुष्टि की गई थी, लेकिन बाद में इलाज के दौरान कुछ घायलों ने दम तोड़ दिया, जिससे आंकड़ा बढ़ गया। अब तक तीन मृतकों की शिनाख्त होने के बाद उनके शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं, जबकि शेष 15 शवों की पहचान डीएनए टेस्ट के जरिए कराई जाएगी।
शवों की नहीं हो पा रही पहचान
प्रशासन के मुताबिक, हादसे में कई शव बुरी तरह जल गए हैं और कुछ टुकड़ों में मिलने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से परिजनों के ब्लड सैंपल ले लिए गए हैं ताकि डीएनए मिलान के जरिए शिनाख्त की जा सके।
घने कोहरे में टकराईं बसें और कारें
बता दें कि यह भयावह दुर्घटना मंगलवार सुबह दिल्ली–आगरा यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 127 के पास हुई। घने कोहरे और बेहद कम विजिबिलिटी के कारण सात बसें और कुछ कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर के बाद कई बसों में आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के अनुसार, इस हादसे में करीब 3 दर्जन लोग लोग घायल हुए थे।
CM और PM ने जताया दुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा था कि मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। उन्होंने जिला प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज और राहत कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया। पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मथुरा में हुई दुर्घटना बेहद पीड़ादायक है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
