Uttarkashi Cloudburst and Landslide: उत्तरकाशी जिले के धाराली में बादल फटने की घटना के बाद आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही ने हाहाकार मचा दिया। इस आपदा के बाद भारतीय सेना, वायु सेना (IAF), ITBP, NDRF, SDRF, BRO और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त बचाव और राहत टीमों ने अब तक करीब 190 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत और बचाव कार्य पूरे जोर-शोर से जारी है। बुधवार दोपहर 3 बजे तक भारतीय सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार, अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 50 लोग अब भी लापता हैं। इस अभियान में सेना के 225 से अधिक जवान, जिनमें इन्फैंट्री और इंजीनियरिंग यूनिट्स शामिल हैं, मौके पर तैनात हैं। युद्धक इंजीनियरों की टीम भी धाराली पहुंच चुकी है, जो मलबा हटाने और आवाजाही बहाल करने के कार्य में जुटी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया जायजा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पीड़ितों के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस संकट की घड़ी में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आपदा धाराली क्षेत्र को पूरी तरह प्रभावित कर चुकी है। कल की घटना के बाद से कई चरणों में मलबा आया है। मैं आज खुद वहां गया, लोगों से मिला, उनसे बातचीत की और हालात की जानकारी ली। यह आपदा सब कुछ तबाह कर गई है। अब तक लगभग 190 लोगों को सेना द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। घायलों को भी वहां से निकालकर उत्तरकाशी लाया जा रहा है।
पांच लोगों की हुई मौत
मंगलवार को धराली में हुई इस भयानक आपदा में पांच लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारी लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं। उन्होंने कहा, "मैं खुद यहां डटा हुआ हूं। जब तक सभी बचाव और राहत कार्य पूरी तरह सुचारू रूप से नहीं चलते, मैं यहीं रहूंगा और हर स्थिति पर निगरानी रखूंगा।" मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य धराली गांव को व्यवस्थित करना और सामान्य स्थिति में लाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांव के हर एक व्यक्ति तक सहायता पहुंचाई जाएगी।
घटना के बाद कई मार्ग अवरुद्ध
उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना के बाद भटवारी से धराली की ओर जाते समय सड़कों के टूटने और अवरुद्ध होने की जानकारी सामने आई है। ताजा जानकारी के मुताबिक, पीपलकोटी के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया है। वहीं, गंगोत्री हाईवे पहले से ही बंद है। रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर गिरने और रास्ता क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को अगले 48 घंटों के लिए स्थगित कर दिया है।
बादल फटने और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र
ANI द्वारा लिया गया यह ड्रोन वीडियो धराली में बादल फटने और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र का है, जहां घरों और अन्य इमारतों को भारी क्षति पहुंची है। इस त्रासदी के बाद से भारतीय सेना, ITBP, NDRF, SDRF और अन्य एजेंसियां लगातार खोज और बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। प्रशासन फिलहाल हर संभव प्रयास करके लोगों को सुरक्षित कर रहा है और हर तरफ से घटना का निरीक्षण कर रहा है।
उत्तराखंड में मौसम विभाग का अलर्ट
देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज उत्तराखंड के सभी जिलों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। मानसून के कहर के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ रेड अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, उत्तरकाशी, देहरादून, चंपावत, उधम सिंह नगर, बागेश्वर और नैनीताल के लिए 12 अगस्त तक रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के इस अलर्ट से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीते कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में अलर्ट के चलते आपदा जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं अन्य जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है, साथ ही कुछ इलाकों में तेज बारिश की बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं।
NDRF के डीआईजी का बयान
उत्तरकाशी में चल रहे राहत और बचाव कार्यों को लेकर NDRF के डीआईजी गंभीर सिंह चौहान ने जानकारी दी कि चार टीमें राहत कार्य के लिए तैयार हैं लेकिन सभी सड़कों के अवरुद्ध और क्षतिग्रस्त होने के कारण वे धराली तक नहीं पहुंच सकीं। कल हेलीकॉप्टरों के जरिए 35 कर्मियों को वहां पहुंचाया गया। हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू होते ही राहतकर्मियों और निकाले गए लोगों की आवाजाही संभव हो पाई है। पहले संचार व्यवस्था बाधित थी लेकिन आज सुबह से सैटेलाइट फोन काम करने लगे हैं। राज्य प्रशासन, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय लोग भी मिलकर खोज और राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
सीएम धामी ने की प्रशासनिक अधिकारियों से भेंट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सुबह उत्तरकाशी में NDRF, SDRF और प्रशासनिक अधिकारियों से भेंट कर धराली क्षेत्र में जारी राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में प्रारंभ हुए हेली रेस्क्यू ऑपरेशन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने सड़क, संचार और बिजली सेवाओं की शीघ्र बहाली के साथ-साथ पेयजल एवं खाद्यान्न की आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन में दिन-रात जुटे सभी टीमों का साहस और समर्पण प्रशंसनीय है। विषम परिस्थितियों में भी इन दलों की निष्ठा और दक्षता आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मिसाल कायम कर रही है।
राजमार्ग का लगभग 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त
पौड़ी के डीएम ने बताया कि आपदा के बाद से प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में पूरी सक्रियता से जुटा हुआ है। इसी दौरान चमोली जिले में तपोवन से आगे सलधार के पास लगातार बारिश के कारण राजमार्ग का लगभग 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया है। क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य किया जा रहा है। राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश से हुई तबाही का आकलन जारी है। मानसून के प्रभाव से प्रभावित लोगों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।]
भटवाड़ी में क्षतिग्रस्त सड़क को जोड़ा जाएगा
उत्तरकाशी से आगे भटवाड़ी का वह क्षेत्र, जहां पहाड़ गिरने से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, अब ITBP और BRO की संयुक्त प्रयासों से आंशिक रूप से जोड़ा गया है। सड़क को साफ कर कुछ हद तक यातायात योग्य बनाया गया है, जिससे अब धीरे-धीरे कुछ वाहन आगे बढ़ पा रहे हैं। इसी स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें वाहन के अंदर से टूटे हुए रास्ते का दृश्य दिखाया गया है। रिपोर्टर गाड़ी से उतरकर सड़क की गहराई तक बनी दरारों और क्षति को दिखाते हुए यह बताता है कि यह पूरा इलाका किस हद तक प्रभावित और टूट चुका है।
तीर्थयात्रियों को किया जा रहा सुरक्षित
जानकारी के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा कल दिन भर स्थगित रही। गौरीकुंड और सोनप्रयाग के बीच बाधित मार्ग को साफ करने के बाद, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने केदारनाथ धाम से लौट रहे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया। इसी बीच, गंगोत्री धाम में कई लोग फंस गए हैं। फिलहाल सेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, उत्तराखंड पुलिस और स्थानीय प्रशासन सभी फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रहे हैं।
प्रभावित इलाकों में मरम्मत कार्य शुरू
उत्तराखंड में हाल ही में हुए भूस्खलनों और भीषण बादल फटने की घटनाओं से प्रभावित इलाकों में सीमा सड़क संगठन (BRO) ने तेजी से राहत और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। उत्तरकाशी-धरसू-गंगोत्री और जोशीमठ–मलारी दो प्रमुख मार्गों पर BRO की टीमें लगातार कार्यरत हैं। जोशीमठ–मलारी सड़क पर Project Shivalik की टीमें भारी मशीनरी के साथ तैनात हैं और खराब मौसम तथा कठिन परिस्थितियों के बावजूद सड़क संपर्क बहाल करने के प्रयास लगातार जारी हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर उत्तरकाशी-धरसू-गंगोत्री मार्ग के हीना, टेकला, नेताला, नालुपानी और नरेंद्र नगर जैसे इलाकों से मलबा हटा दिया गया है।
इन जगहों की सड़कों को पहुंचा नुकसान
धाराली में 300 मीटर मलबा हटाया जा रहा है, जबकि पापड़गाड़ (किमी 202) क्षेत्र में 110 मीटर सड़क बह गई है और 60 मीटर हिस्सा धंस चुका है। लिमचिगाड़ (किमी 214.05) में 80 फुट लंबा पुल बह गया है, वहीं किमी 198 पर भी सड़क टूटने की खबर है। इन सभी स्थानों पर JCB, खुदाई मशीनें, लोडर और टिपर जैसे भारी उपकरणों की सहायता से BRO की टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। चौबीसों घंटे चल रहे इन प्रयासों का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में यातायात बहाल करना और स्थानीय प्रशासन को राहत कार्यों में सहायता प्रदान करना है।
1 JCO समेत 8 जवान लापता
हाल फिलहाल की जानकारी के मुताबिक, अब तक 70 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि नागरिक प्रशासन ने 3 लोगों की मौत की पुष्टि की है और 50 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। भारतीय सेना के अनुसार, इस घटना में 1 जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) और 8 जवान लापता हैं। अब तक 9 सैन्यकर्मियों और 3 नागरिकों को हेलीकॉप्टर के जरिए देहरादून भेजा गया है। वहीं, 3 गंभीर रूप से घायल नागरिकों को एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है, जबकि 8 अन्य घायल नागरिकों का इलाज उत्तरकाशी के ज़िला अस्पताल में चल रहा है। राहत कार्य के दौरान सेना ने 2 शवों को भी बरामद किया है। घटनास्थल पर राहत टीमें लगातार प्रयासरत हैं।
