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हरियाणा : नम आंखों से दी गई लांस नायक प्रदीप नैन को अंतिम विदाई, आतंकवादियों से लोहा लेते हुए थे शहीद

हरियाणा के जींद में पैरामिल्ट्री कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन का उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। प्रदीप जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों से लोहा लेते शहीद हो गए थे।

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शहीद लांस नायक प्रदीप नैन

जम्मू: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन का सोमवार को यहां उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। प्रदीप नैन के पार्थिव शरीर को तिरंगे से सजी गाड़ी में लाया गया। कुलगाम में गत छह जुलाई को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान प्रदीप शहीद हो गये थे। प्रदीप नैन के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके घर ले जाया गया था। प्रदीप को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे।

तिरंगे में लिपटे प्रदीप नैन के पार्थिव शरीर को देख कर पत्नी, मां व बहन के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री कमल गुप्ता, राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला, विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा समेत अन्य लोगों ने अंतिम संस्कार से पहले प्रदीप नैन को पुष्पांजलि अर्पित की। स्वास्थ्य मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि वे शहीद प्रदीप नैन की मां को सलाम करते हैं, जिसने ऐसे वीर सपूत को जन्म दिया।

शहीद परिवार को मिलेगी सहायता राशि

उन्होंने कहा कि दुख होना स्वभाविक है क्योंकि जवान बेटा चला गया लेकिन गर्व भी है। प्रदीप ने आतंकवादियों को मौत के घाट उतार कर अपनी शहादत दी। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उन्हें भेजा है और शहीद परिवार को जो घोषित सहायता होगी वह जल्दी दी जाएगी।

राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि यह दुख के साथ गर्व की बात है। जाजनवाला के वीर सपूत ने आतंकियों से लड़ते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। प्रदीप नैन ने अपनी जान की परवाह नहीं की। देशहित को सर्वोपरि रखा। सदियों तक प्रदीप नैन की शहादत को याद रखा जाएगा।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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