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यूपी में एक और बड़ा सड़क हादसा, ट्रक-बस एक्सीडेंट में 2 लोगों की मौत, 18 घायल

उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक बार फिर बड़ा सड़क हादसा हुआ है। दिल्ली कानपुर नेशनल हाइवे पर खड़े ट्रक पर सवारियों से भरी बस टकराने से 2 लोगों की मौत हो गई।

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हाथरस में सड़क हादसा

हाथरस में एक बार फिर बड़ा सड़क हादसा हुआ है। दिल्ली कानपुर नेशनल हाइवे पर खड़े ट्रक पर सवारियों से भरी बस टकराने से 2 लोगों की मौत हो गई है और 18 लोग घायल बताये जा रहे है। सीएम योगी ने हादसे का संज्ञान लिया है। घायलों को हाथरस के जिला अस्पताल और अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में कराया गया है। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

दिल्ली-कानपुर नेशनल हाइवे पर हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि एक प्राइवेट बस सवारियों को लेकर चंडीगढ़ से सिकंदराराऊ के रास्ते उन्नाव स्थित बागरमऊ जा रही थी। तभी सुबह 5:30 बजे कोतवाली सिकंदराराऊ क्षेत्र के टोली गांव के पास दिल्ली-कानपुर नेशनल हाइवे पर पहले से खड़े ट्रक से बस जा टकराई। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने हादसे में 9 गंभीर घायलों को अलीगढ़ मेडिकल में भर्ती कराया है। शेष घायलों को हाथरस के जिला अस्पताल में कराया भर्ती कर उपचार जारी है। हादसे में अभी तक 2 लोगों की मौत की खबर है। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में हुए सड़क हादसे का संज्ञान लिया है। सीएम ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सीएम ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के साथ घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।

आपको बता दें बुधवार को उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टैंकर और बस की टक्कर में 18 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें बिहार के 6 लोग शामिल थे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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