Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। रविवार रात करीब नौ बजे बुढ़ाना क्षेत्र के हबीबपुर गांव में बारिश के चलते एक कच्चा मकान अचानक ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और अफरातफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। लगातार हो रही बारिश के कारण मकान की दीवारें और छत पहले से कमजोर हो चुकी थीं, जो अचानक भरभराकर ढह गईं। मकान गिरते ही पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही फुगाना और बुढ़ाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। ग्रामीणों और पुलिस की संयुक्त कोशिशों से मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। इस दर्दनाक हादसे में 52 वर्षीय इस्लाम और चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई।
पांच लोगों को कराया गया अस्पताल में भर्ती
हादसे में घायल हुए पांच लोगों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेने लगे। इस दर्दनाक घटना से मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। लगातार हो रही बारिश के चलते ग्रामीण इलाकों में जर्जर और कच्चे मकानों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान कमजोर और क्षतिग्रस्त भवनों से दूर रहें तथा पूरी सतर्कता बरतें।
ईंट-भट्ठों पर मजदूरी कर चलता था घर
इस हादसे के बाद से एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस हादसे में 52 वर्षीय इस्लाम और उसके चार बच्चों की जान चली गई, जिससे परिवार पूरी तरह बिखर गया। इस त्रासदी ने न सिर्फ परिवार का मुखिया छीन लिया, बल्कि पूरे परिवार के सामने जीवनयापन का बड़ा संकट भी खड़ा कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार इस्लाम ईंट-भट्ठों पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी मेहनत की कमाई ही घर का मुख्य सहारा थी, जिससे परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी होती थीं। लेकिन एक ही हादसे ने परिवार की खुशियां पलभर में खत्म कर दीं। अब घर में उसकी पत्नी और पांच अन्य बच्चे ही बचे हैं, जिनके सामने भविष्य को लेकर गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि जीवित बचे बच्चे अपने पिता और भाई-बहनों को खोने के गहरे सदमे में हैं। रविवार को पूरे गांव में मातम का माहौल रहा। मृतकों के घर पर लोगों का तांता लगा रहा और हर किसी की आंखें इस दर्दनाक हादसे को देखकर नम हो गईं।
प्रशासन से पीड़ित परिवार की तत्काल मदद करने की मांग
ग्रामीणों के अनुसार इस्लाम बेहद साधारण और गरीब परिवार से था। वह रोज मजदूरी करके अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने की कोशिश में जुटा रहता था। किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि बारिश की एक रात उसके परिवार के लिए इतनी बड़ी त्रासदी लेकर आएगी। घटना के बाद गांव और आसपास के लोगों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार की तत्काल मदद करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि परिवार को आर्थिक सहायता, रहने के लिए सुरक्षित आवास और बच्चों के पालन-पोषण के लिए विशेष सरकारी सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका मानना है कि परिवार का कमाने वाला सदस्य अब नहीं रहा, इसलिए सरकारी मदद ही उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बन सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि आपदा राहत निधि के माध्यम से पीड़ित परिवार को अधिकतम राहत दी जाए, ताकि इस कठिन समय में उन्हें आर्थिक संबल मिल सके और जीवित बचे बच्चों का भविष्य सुरक्षित बनाया जा सके।
