Delhi News: राजधानी दिल्ली के उत्तर-पश्चिम इलाके में मौजूद इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के लेडीज वॉशरूम में एक व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शव महिला शौचालय के अंदर मिला, जिसके बाद पुलिस को तुरंत सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है।
शाम को इतने बजे मिली सूचना
डीसीपी मेट्रो कोशल पाल सिंह ने बताया कि 25 अप्रैल की शाम करीब 5 बजकर 33 मिनट पर पुलिस को सूचना मिली थी कि इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के महिला शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद है और वहां से तेज दुर्गंध आ रही है। सूचना मिलते ही एनएसपी मेट्रो थाना पुलिस और जांच टीम मौके पर पहुंची।
शुरुआती जांच में क्या सामने आया
पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां लगभग 40 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। शव की स्थिति देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि मौत को करीब दो दिन हो चुके थे, जिसके कारण बदबू फैल गई थी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक संभवतः उसी टॉयलेट कॉम्प्लेक्स का केयरटेकर था और उसे आखिरी बार दो दिन पहले देखा गया था, जिसके बाद से वह लापता था।
मृतक की पहचान जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए क्राइम टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू कर दी। शव को बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है ताकि पहचान की जा सके। पुलिस मेट्रो प्रशासन की मदद से मृतक की पहचान करने में जुटी हुई है। फिलहाल मामला दर्ज कर सभी पहलुओं से जांच जारी है।
तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से ई-रिक्शा चालक की मौत
वहीं, इससे पहले मॉडल टाउन इलाके में एक तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी, जिसमें 33 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि यह घटना रिंग रोड पर एक अस्पताल के पास शुक्रवार शाम को लगभग छह बजे हुई। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के अनुसार, तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे वह पलट गया।
पुलिस ने एक बयान में कहा, "टक्कर में ई-रिक्शा चालक और कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। कार चालक की पहचान रोहिणी निवासी और जी बी (गोविंद वल्लभ) पंत अस्पताल में वरिष्ठ रेजिडेंट (रेडियोलॉजिस्ट) डॉ. सिद्धार्थ के रूप में हुई है। कार चालक सभी घायलों को विनायक अस्पताल ले गया।" पुलिस ने बताया कि इलाज के दौरान ई-रिक्शा चालक नागेंद्र चौरसिया ने दम तोड़ दिया। उसने बताया कि चौरसिया बिहार के पटना का रहने वाला था और दिल्ली के मुकुंदपुर में किराए के मकान में रहता था। उसके परिवार में पत्नी एवं तीन बच्चे हैं और वह परिवार का इकलौते कमाने वाला सदस्य है।
बयान में कहा गया, "महिलाओं और बच्चों समेत घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है। घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।" बयान में यह भी कहा गया है कि दुर्घटना में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है और आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया गया है। मृतक के परिवार वालों ने लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना तरीक से गाड़ी चलाने का आरोप लगाते हुए कार चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
