Maharashtra Weather Alert: मौसम के लिहाज से देखें तो महाराष्ट्र में अप्रैल की शुरुआत बहुत चिंताजनक हुई है। कल, गुरुवार को पुणे में दोपहर 2:30 बजे अचानक छाए घने अंधेरे और उसके बाद हुई भीषण ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आज शुक्रवार को भी राहत के आसार कम हैं। अरब सागर से आ रही नमी और उत्तर भारत के 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) के मिलन ने पूरे राज्य में बेमौसम बारिश का जाल बिछा दिया है।
आज कैसा रहेगा पुणे का मौसम? (Pune Weather Today)
पुणेवासियों के लिए कल का दिन किसी बुरे सपने जैसा था। सिंहगढ़ रोड, कात्रज और हडपसर जैसे इलाकों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई थी। विजिबिलिटी इतनी कम थी कि अहमदाबाद से पुणे आ रही फ्लाइट को गोवा डायवर्ट करना पड़ा। आज दोपहर के बाद पुणे शहर और जिले में फिर से मौसम बदलने की संभावना है। हालांकि आज के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, लेकिन गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से बचने की सलाह दी है।
महाराष्ट्र के अन्य जिलों का हाल: कहां है खतरा? (Maharashtra Weather Alert)
मौसम विभाग ने आज के लिए राज्य को दो हिस्सों में बांटा है:
1. ऑरेंज अलर्ट (भारी खतरा): (IMD Orange Alert Maharashtra)
आज परभणी और हिंगोली सहित मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। जलगांव, छत्रपति संभाजीनगर, अहिल्यानगर, बीड और जालना में भी ओलावृष्टि की आशंका बनी हुई है।
2. येलो अलर्ट (सतर्क रहें): (IMD Yellow Alert Maharashtra)
नासिक, धुले, सतारा, सांगली, सोलापुर, धाराशिव, लातूर और पूरे विदर्भ (नागपुर, अकोला, अमरावती, यवतमाल) में आज येलो अलर्ट है। यहां बिजली कड़कने के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
मुंबई में उमस और बादलों की लुकाछिपी (Mumbai Weather Today)
कल मुंबई का मौसम साफ था, लेकिन आज आसमान में बादलों का डेरा रहेगा। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। बारिश के कारण तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट तो आएगी, लेकिन बढ़ती उमस (Humidity) मुंबईकरों के पसीने छुड़ाती रहेगी। यहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
किसानों पर दोहरी मार (IMD Farmers' Guideline)
उत्तरी महाराष्ट्र (नासिक, जलगांव) के अंगूर और प्याज किसानों के लिए यह बारिश किसी काल से कम नहीं है। कटी हुई फसलें खेतों में भीग रही हैं। प्रशासन ने अपील की है कि किसान अपनी फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं और इस मौसम में कीटनाशकों के छिड़काव से बचें।
