Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में मौसम ने पूरी तरह से करवट ले ली है। शनिवार को मुंबई, ठाणे और विदर्भ समेत राज्य के बड़े हिस्से में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ प्री-मानसून बारिश का दौर तेज हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। लेकिन, इस बीच IMD द्वारा जारी मानसून के दूसरे दीर्घकालिक पूर्वानुमान (Long Range Forecast) ने किसानों और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। अनुमान है कि इस साल महाराष्ट्र में मानसून के चार महीनों के दौरान औसत से कम बारिश होगी।
विदर्भ में ऑरेंज अलर्ट और उत्तर महाराष्ट्र में येलो अलर्ट (Vidarbha Mumbai Konkan Weather Today)
आज 30 मई को राज्य में मानसून पूर्व बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहने वाली है। मौसम विभाग ने विदर्भ के अमरावती, चंद्रपुर, वर्धा और यवतमाल के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। यहां भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने और तूफानी हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। प्रशासन ने लोगों से बेवजह घर से बाहर न निकलने की अपील की है। वहीं अकोला, भंडारा, बुलढाणा, गढ़चिरोली, गोंदिया, नागपुर और उत्तरी महाराष्ट्र के धुले, नंदुरबार, जलगांव और नासिक जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
मुंबई और कोंकण का हाल: मुंबई में रविवार से तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के लिए अगले दो-तीन दिनों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। मछुआरों को कोंकण तट के पास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी महाराष्ट्र और मराठवाड़ा: पुणे, सतारा, सांगली, कोल्हापुर, सोलापुर और छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, नांदेड़ में भी गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना है।
चिंता की खबर: मानसून सीजन में कम होगी बारिश (Monsoon 2026 Forecast)
भले ही प्री-मानसून बारिश से फिलहाल तापमान गिर गया हो, लेकिन IMD का दीर्घकालिक पूर्वानुमान बेहद डराने वाला है। महाराष्ट्र मुख्य रूप से 'मानसून कोर जोन' (MCZ) और 'मध्य भारत' के अंतर्गत आता है। इन दोनों क्षेत्रों के लिए पूर्वानुमान है कि मानसून सीजन (जून-सितंबर) के दौरान बारिश सामान्य से कम (LPA के 94% से कम) रहने की 43% संभावना है। वहीं पूरे देश के लिए अनुमान लगाया गया है कि बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) का 90% होगी। इसका सीधा अर्थ है कि औसत के मुकाबले 10% बारिश कम होने की संभावना है।
केरल में अगले 7 दिनों में मानसून की दस्तक (Monsoon Tracker)
IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। अगले 7 दिनों के भीतर मानसून कभी भी केरल और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है। इसके बाद मानसून के अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, पूरे देश (पूर्वोत्तर को छोड़कर) और विशेष रूप से महाराष्ट्र के लिए कमजोर मानसूनी हवाएं इस बार बड़ी चुनौती खड़ी करने वाली हैं।
