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सोसाइटी में कुत्ते ने काटा तो RWA देगा 1 लाख मुआवजा! नोएडा कंज्यूमर फोरम ने तय की जवाबदेही

Noida News: नोएडा की एक सोसाइटी में 4 साल की बच्ची पर आवारा कुत्तों के हमले के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने बड़ा फैसला सुनाया है। फोरम ने आरडब्ल्यूए (RWA) को 'सेवा में कमी' का दोषी मानते हुए 1 लाख का जुर्माना लगाया है।

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कुत्ते के काटने के मामले में कोर्ट ने RWA को माना दोषी (सांकेतिक चित्र)

Noida: सोसायटियों में आवारा कुत्तों के आतंक और निवासियों की सुरक्षा को लेकर एक ऐसा फैसला सामने आया है, जो आने वाले दिनों में उदाहरण की तरह इस्तेमाल होता दिख सकता है। नोएडा के सेक्टर 82 स्थित केंद्रीय विहार-II सोसाइटी में एक 4 वर्षीय मासूम बच्ची पर आवारा कुत्तों के हमले के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। उपभोक्ता फोरम ने इसे 'सेवा में कमी' मानते हुए सोसाइटी की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) पर 1 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जो RWA निवासियों से सुरक्षा और मेंटेनेंस चार्ज वसूलती है, वह उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती।

क्या था पूरा मामला?

यह घटना 29 जून 2022 की रात करीब 9:20 बजे की है। केंद्रीय विहार-II के निवासी आशीष कुमार अग्रवाल की 4 साल की बेटी शायरा RWA दफ्तर के पीछे बने ग्रीन पार्क में थी, तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची की पीठ पर बेहद गंभीर (कैटेगरी-III) बाइट जख्म दिए थे। एक राहगीर की मुस्तैदी के कारण बच्ची की जान बच सकी थी।

पिता आशीष अग्रवाल ने कोर्ट में तर्क दिया कि वे 2005 से RWA को मेंटेनेंस चार्ज दे रहे हैं, इसलिए वे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत एक 'उपभोक्ता' हैं और सुरक्षित परिसर पाना उनका अधिकार है। उन्होंने बताया कि कुत्तों के आतंक के बारे में RWA को कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

कंज्यूमर फोरम का बड़ा फैसला और टिप्पणियां

आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजू शर्मा की पीठ ने 10 जुलाई को फैसला सुनाते हुए RWA के उन तर्कों को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत वे कुत्तों को हटा नहीं सकते थे। कोर्ट ने RWA अध्यक्ष के माध्यम से पीड़ित परिवार को बच्ची की मानसिक प्रताड़ना, चोट और खतरे के एवज में 1 लाख का मुआवजा और 5,000 मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया है। यह राशि 30 दिनों के भीतर देनी होगी, ऐसा न करने पर 6% सालाना साधारण ब्याज देना होगा।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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