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Maharashtra: मुंबई, नासिक और नागपुर में 'फ्री हेरिटेज सर्किट' शुरू; 13-14 अप्रैल को अंबेडकर की विरासत देखने का मौका

Maharashtra Free Heritage Circuit: महाराष्ट्र पर्यटन विभाग अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में 13 और 14 अप्रैल को मुंबई, नासिक और नागपुर में मुफ्त हेरिटेज टूर आयोजित कर रहा है। जानें रूट और शामिल होने का तरीका।

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अंबेडकर जयंती पर महाराष्ट्र सरकार का तोहफा

Photo : PTI

Maharashtra News: डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र पर्यटन विभाग ने एक शानदार पहल की है। राज्य के पर्यटन निदेशालय ने मुंबई, नासिक और नागपुर में 13 और 14 अप्रैल को एक विशेष 'फ्री हेरिटेज सर्किट' का आयोजन कर रही है। इस दो दिवसीय दौरे का उद्देश्य पर्यटकों और युवाओं को भारत के संविधान निर्माता के जीवन, उनके संघर्षों और उनकी महान विरासत से रूबरू कराना है।

तीन शहरों में विशेष पर्यटन सर्किट

पर्यटन विभाग ने डॉ. अंबेडकर के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को जोड़ते हुए मुंबई, नासिक और नागपुर में रूट तैयार किए हैं। मुंबई सर्किट में इसकी शुरुआत चैत्यभूमि से होगी। इसके बाद यात्रियों को राजगृह (उनका निवास स्थान), ऐतिहासिक बीआईटी चॉल, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर कॉलेज और सिद्धार्थ कॉलेज ले जाया जाएगा। नासिक सर्किट में यहां यात्री मुक्तिभूमि, त्रिरश्मी लेनी और प्रसिद्ध कालाराम मंदिर का दौरा करेंगे, जो अंबेडकर के सामाजिक सुधार आंदोलनों के केंद्र रहे हैं। नागपुर सर्किट में उपराजधानी में इस दौरे के मुख्य आकर्षण दीक्षाभूमि, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर संग्रहालय और ड्रैगन पैलेस मंदिर होंगे।

मुफ्त बस सेवा और सुविधाएं

राज्य सरकार ने इस यात्रा को पूरी तरह निशुल्क रखा है। प्रत्येक शहर में प्रतिदिन दो विशेष बसें संचालित की जाएंगी।यात्रा सुबह 10 बजे से शुरू होगी। मुंबई में दादर से, नासिक में गडकरी चौक से और नागपुर में दीक्षाभूमि से बसें रवाना होंगी। इस आयोजन में 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर सीटों का आवंटन होगा। यात्रियों के लिए गाइड, जलपान और पीने के पानी की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी।

विरासत और समानता का संदेश

पर्यटन मंत्री शंभुराज देसाई ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल पर्यटन नहीं, बल्कि उस दूरदर्शी नेता को श्रद्धांजलि है जिसने भारत के लोकतंत्र को आकार दिया। उन्होंने छात्रों और पर्यटकों से इस 'स्वर्ण अवसर' का लाभ उठाने का आग्रह किया। पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव संजय खंडारे ने बताया कि चैत्यभूमि, मुक्तिभूमि और दीक्षाभूमि जैसे स्थल सामाजिक परिवर्तन के मील के पत्थर हैं। इस सर्किट के माध्यम से नई पीढ़ी को समानता के संदेश और अंबेडकर के वैश्विक प्रभाव से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

कैसे शामिल हों?

इच्छुक पर्यटक सीधे निर्धारित प्रस्थान बिंदुओं पर पहुंचकर बसों में सवार हो सकते हैं। चूंकि सीटें सीमित हैं, इसलिए समय पर पहुंचना जरूरी है। किसी भी तरह की पूछताछ के लिए अधिकारियों ने प्रत्येक शहर में संपर्क सूत्र भी साझा किए हैं, जिसमें मुंबई के लिए पवन पवार और सूरज चतुर्वेदी से संपर्क किया जा सकता है।

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Nishant Tiwari
निशांत तिवारी author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

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