भारत में बिग फैट इंडियन वेडिंग की कल्चर हमेशा रही है। गांव से लेकर शहरों तक हर जगह शादी में लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक खर्च किए जाते हैं। हालांकि, कई ऐसे मौके भी आते हैं जब शादी, समाज के लिए मिसाल साबित हो जाती है।
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में भी ऐसा ही हुआ। दरअसल, नांदेड़ में सामाजिक सरोकार की एक बेहद अनूठी और दिल छू लेने वाली कहानी सामने आई है, जहां एक परिवार ने शादी के जश्न को फिजूलखर्ची से दूर रखकर मानवता की मिसाल पेश की है।
कितने लोगों को मिला फायदा?
लोहा तालुका के कलंबर गांव के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पंजाबराव बोईनवाड ने अपने बेटे की शादी में आए मेहमानों और गांव के करीब 1,200 से अधिक नागरिकों को रिटर्न गिफ्ट के तौर पर 1-1 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर तोहफे में दिया है।
कुल 3,465 निवासियों को 1 लाख रुपये प्रति व्यक्ति के दुर्घटना बीमा कवर के अंतर्गत लाया गया, जिससे कुल बीमित राशि 33.6 करोड़ रुपये हो गई। इस पहल का नेतृत्व सिद्धेश्वर और उनके बड़े भाई अनूप ने किया।
परिवार ने क्यों लिया ये फैसला?
सिद्धेश्वर पेठकर की शादी सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक बन गई, जब उनके परिवार ने बदले में हर ग्रामीण को दुर्घटना बीमा का उपहार दिया। सिद्धेश्वर के के बड़े भाई अनूप ने कहा,“नांदेड़ के गांवों में, सांप के काटने, बिजली गिरने और अन्य दुर्घटनाओं के कारण होने वाली आकस्मिक मौतें आम बात हैं। मेरे छोटे भाई की शादी हमारे लिए एक खुशी का अवसर था, और हम कुछ सार्थक करके उस खुशी को दूसरों तक पहुंचाना चाहते थे।”
इस अनोखी पहल के तहत पूरी बीमा पॉलिसी का प्रीमियम बोईनवाड परिवार ने खुद अपनी जेब से भरा है, ताकि गांव के हर छोटे-बड़े और बुजुर्ग नागरिक को भविष्य की किसी भी अनहोनी के खिलाफ एक सुरक्षा कवच मिल सके।
