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महाराष्ट्र: चुनाव खर्च का समय पर ब्योरा न देने पर नांदेड़ स्थानीय निकायों के 44 सदस्य अयोग्य घोषित

Maharashtra Local Body Elections: नांदेड़ जिले में चुनाव खर्च का ब्योरा न देने पर 44 उम्मीदवारों को 3 साल के लिए अयोग्य घोषित किया गया। 12 नगर परिषदों और 1 नगर पंचायत के चुनाव से जुड़ा मामला।

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महाराष्ट्र: चुनाव खर्च का समय पर ब्योरा न देने पर नांदेड़ स्थानीय निकायों के 44 सदस्य अयोग्य घोषित

Nanded Election Commission Action: महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में चुनाव खर्च का ब्योरा निर्धारित समयसीमा के भीतर जमा नहीं कराने पर 44 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है और वे तीन साल तक नगर निकाय का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिले की 12 नगर परिषदों और एक नगर पंचायत के लिए 2025 में हुए चुनावों के बाद यह कार्रवाई की गई है।

उम्मीदवारों को निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित अधिकारियों को अपने चुनावी खर्च का विवरण सौंपना जरूरी होता है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इन 44 उम्मीदवारों ने चुनाव खर्च से संबंधित ब्योरा नहीं दिया जिसके परिणामस्वरूप उन्हें महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम, 1965 की धारा 16(1-डी) के तहत तीन साल के लिए नगर निकाय सदस्य का चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया गया।

इस संबंध में आदेश 27 जुलाई को जारी किए गए थे, जबकि अयोग्य घोषित उम्मीदवारों के नाम पांच अगस्त को महाराष्ट्र सरकार के राजपत्र में प्रकाशित किए गए।

अयोग्य घोषित किए गए उम्मीदवारों में से छह उमरी नगर परिषद से, दो भोकर से, एक लोहा से, 14 हिमायतनगर नगर पंचायत से, छह धर्माबाद से, सात किनवट से, तीन मुखेड से और पांच कंधार से हैं।

सरकारी वाहनों में विशेष पंजीकरण नंबर के लिए नहीं दिया जाएगा अतिरिक्त धन: महाराष्ट्र सरकार

इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि सरकारी वाहनों के लिए विशेष पंजीकरण नंबर लेने पर होने वाला अतिरिक्त खर्च राज्य सरकार वहन नहीं करेगी। इस तरह का खर्च राज्य के खजाने से करने का कोई प्रावधान नहीं है। अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के मकसद से सरकार ने यह पहल की है।

महाराष्ट्र सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, परिपत्र में कहा गया है कि अगर कोई अधिकारी या कार्यालय सरकारी वाहन के लिए विशेष नंबर हासिल करने पर राशि खर्च करता है तो उस खर्च की भरपाई के लिए किसी भी परिस्थिति में सरकारी धन स्वीकृत नहीं किया जाएगा।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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