Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार ने वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच राज्य के नागरिकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज करें और उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन सेवाएं सक्रिय करें।
ऊर्जा संकट के बीच PNG को बढ़ावा
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी एक सरकारी संकल्प (Government Resolution) में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इससे एलपीजी (LPG) की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पीएनजी (PNG) कनेक्शन के विस्तार को एक अल्पकालिक समाधान के रूप में तेजी से लागू करने पर जोर दिया है।
24/7 हेल्पलाइन और वार्ड स्तर पर आवेदन की सुविधा
सरकार ने गैस कंपनियों को साफ निर्देश दिया है कि वे 24 घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन शुरू करें ताकि नागरिकों को आवेदन करने या किसी भी समस्या के समाधान में कोई असुविधा न हो। साथ ही, शहर की आबादी और बढ़ती मांग को देखते हुए हेल्पडेस्क की संख्या बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। नए कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अब वार्ड स्तर पर केंद्र स्थापित किए जाएंगे। नागरिकों के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन करने की सुविधा होगी। सरकार ने कंपनियों से कहा है कि वे इन सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
हाउसिंग सोसाइटियों और निवासियों के लिए निर्देश
सरकारी संकल्प में कहा गया है कि पंजीकृत या प्रस्तावित हाउसिंग सोसाइटियां और इमारतों के निवासी व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से आवेदन जमा कर सकते हैं। इससे पीएनजी पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। नगर निगमों, जिला आपूर्ति अधिकारियों और गैस कंपनियों को मिलकर सूचना एवं सहायता केंद्र स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
साप्ताहिक समीक्षा और निगरानी प्रणाली
पीएनजी विस्तार की प्रगति पर कड़ी नजर रखने के लिए कंपनियों को जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने होंगे। ये अधिकारी हर सप्ताह पाइपलाइन विस्तार और नए कनेक्शनों की प्रगति रिपोर्ट सौंपेंगे। राज्य स्तर पर हर सोमवार को इन रिपोर्ट्स की समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि काम तय समय सीमा के भीतर हो रहा है। यह आदेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति स्थिर नहीं हो जाती।
