मधुबनी : जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र स्थित अधवारी गांव में जमीन विवाद से जुड़ी एक कार्रवाई के दौरान बुधवार को हालात बेकाबू हो गए। कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस, मजिस्ट्रेट और न्यायालय के अधिकारियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान भीड़ ने एक कोर्ट कर्मी को कार से खींचकर बाहर निकाला और उसकी जमकर पिटाई कर दी। जानकारी के अनुसार, दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद के मामले में प्रशासनिक टीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने और कब्जा खाली कराने पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही विवादित मकान के स्वामी राजेंद्र ठाकुर आग की लपटों में घिरे हुए घर से बाहर निकल आए। उन्हें गंभीर रूप से झुलसी हालत में देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला बोल दिया।
स्थिति बिगड़ते देख कई अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके से जान बचाकर निकल गए। इसी दौरान भाग रहे कोर्ट कमिश्नर रत्नाकर झा को ग्रामीणों ने उनकी कार से खींच लिया और उनकी पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें भीड़ के चंगुल से बाहर निकाला।
घटना में गंभीर रूप से झुलसे राजेंद्र ठाकुर को इलाज के लिए सदर अस्पताल, मधुबनी में भर्ती कराया गया है। परिजनों का आरोप है कि पूर्व में अदालत ने उनके पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन बाद में निर्णय दूसरे पक्ष के पक्ष में चला गया। उनका यह भी कहना है कि बिना पूर्व सूचना के प्रशासन घर खाली कराने पहुंच गया। वहीं, परिजनों ने आरोप लगाया है कि विरोधी पक्ष के लोगों ने राजेंद्र ठाकुर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी।
गांव में भारी फोर्स तैनात
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए एसडीओ शारंग पानी पांडेय और डीएसपी अमित कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एहतियात के तौर पर आसपास के कई थानों की पुलिस को गांव में तैनात किया गया है।
डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि कोर्ट कर्मी के साथ मारपीट की घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व नोटिस के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए थी या नहीं, इस पहलू की भी जांच होगी। साथ ही राजेंद्र ठाकुर के झुलसने की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। फिलहाल अधवारी गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
