उत्तर प्रदेश में अब निजी निवेशक भी बस अड्डे और टूरिस्ट बस पार्क का निर्माण कर सकेंगे। यूपी सरकार ने 'स्टेज कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज और आल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क नीति 2025' को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। जिसमें इस नीति को मंजूरी दी गई। जिसके तहत यूपी के सभी जिलों में अब निजी बस अड्डे खोले जा सकेंगे। इससे बसों की पार्किंग की समस्या से निजात मिलेगी।
डीएम की अगुवाई में बनेगी कमेटी
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि बसों की पार्किंग की समस्या का समाधान करने के लिए इस नीति को बनाया गया है। इसके तहत हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में नियामक प्राधिकरण गठित की जाएगी। यह कमेटी निजी बस टर्मिनल बनाने के लिए आवेदन मांगेगी। इसमें आवदकों के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि इस नीति के तहत एक जिले में दो से ज्यादा और प्रदेशभर में 10 से अधिक निजी टर्मिनल नहीं बनाए जाएंगे। जिन्हें चलाने के लिए निजी संस्थाओं को 10 साल तक ही अधिकार दिए जाएंगे। इस दौरान उनका काम संतोषजनक रहा, तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
आवेदकों के लिए जरूरी शर्तें
- कम से कम दो एकड़ जमीन होनी चाहिए।
- 50 लाख रुपये की संपत्ति होनी चाहिए।
- पिछले वित्तीय वर्ष में दो करोड़ का कारोबार होना चाहिए।
पार्किंग के लिए नए नियम
कैबिनेट मीटिंग में उत्तर प्रदेश के सभी नगर निगमों में एक जैसे पार्किंग नियम लागू करने का भी फैसला लिया गया। इसके अलावा बैठक में कर्मचारियों के तबादले की नीति पर भी मंजूरी मिली। जिसके तहत अब सभी तबादले 15 मई से 15 जून के बीच ही किए जाएंगे। यूपी सरकार ने अडानी पॉवर लिमिटेड से बिजली खरीदने का भी फैसला लिया है, जिससे करीब 2,958 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है।
