UP Weather Update: गर्मी के दिनों में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कभी बारिश तो कभी गर्मी तो कभी धूल भरी आंधी से आम लोगों को रू-ब-रू होना पड़ रहा है। जिसका असर सेहत पर भी पड़ रहा है। चक्रवात मोचा ने मौसम को और बदल दिया है। जनसंख्या के हिसाब से सबसे बड़े प्रदेश में इसका असर देखने को मिल रहा है। यूपी के 35 जिलों में मानसून पहुंचने के पहले ही बारिश के चपेट में आता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने कहा कि बारिश का अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, कन्नौज, चित्रकूट, गाजियाबाद, गौतमबुधनगर समेत 35 जिलों में बारिश हो सकती है साथ ही धूल भरी आंधी और बिजली गिर सकती है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान मोचा के आने बाद उसका असर उत्तर प्रदेश में दिखने लगा है। धूलभरी आंधी चलने लगी। हवाओं में नमी महसूस होने लगी है। इससे प्री मानसून बारिश हो सकती है। मानसूनी बारिश जून से 30 सितंबर तक होती है। लेकिन इस वजह से 30 मई तक होने की संभावना है।
यूपी के इन जिलों में आंधी के साथ बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से 35 जिलों को आंधी से साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, मेरठ, हापुड़, सहारनपुर, अलीगढ़, हाथरस, बागपत, बरेली, बदायूं, आगरा, मथुरा, मुरादाबाद, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, रामपुर, शाहजहांपुर, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, शामली, बिजनौर, नजीबाबाद, अयोध्या, कन्नौज, चित्रकूट, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, इटावा, औरैया, अयोध्या, कन्नौज, चित्रकूट में आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश में भी मानसून देर से पहुंचने की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने में थोड़ी देरी होगी। यह 4 जून तक दस्तक दे सकती है। इसकी वजह से उत्तर प्रदेश में भी 8 जून तक मानसून प्रवेश कर सकता है। मानसून में सामान्य बारिश के आसार हैं। बारिश के औसत दिनों में भी कमी आई है। पहले 35 दिनों तक बारिश होती थी लेकिन अब यह 25 दिनों तक ही होती है।
मानसून में देरी की वजह चक्रवात मोचा
केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान के पूर्व सचिव एम राजीवन ने कहा कि ऐसी संभावना नहीं है कि मानसून में देरी का कारण चक्रवात मोचा है। उन्होंने कहा कि अगर चक्रवात 20 मई-25 मई के आसपास आया होता, तो यह वास्तव में मानसून को प्रभावित करता। चक्रवात अब खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में अपर्याप्त ताप के कारण ऐसा हो सकता है और मानसून की प्रगति विभिन्न कारणों पर निर्भर करती है। आईएमडी ने पिछले महीने कहा था कि भारत में अल नीनो की स्थिति के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान सामान्य बारिश होने की उम्मीद है।
