उत्तर प्रदेश में विधानसभा के सत्र से ऐन पहले सोमवार (20 फरवरी, 2023) को सदन के बाहर से लेकर अंदर तक जमकर बवाल हुआ। पहले विस परिसर के बाहर समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने मोर्चा खोला और नारेबाजी के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।
पुलिस और मार्शलों के साथ सपा विधायकों की नोक-झोंक भी हुई। रिपोर्ट्स में बताया गया कि मार्शल्स ने हालत संभालने के लिए विधायकों को गोद में उठाकर विस भवन से बाहर करने के प्रयास किए, जबकि कुछ एमएलए वहां धरने पर ही बैठ गए थे।
वहीं, शिवपाल सिंह यादव ने दावा किया वह चाहते हैं कि सदन चले। दरअसल, सपा के सदस्य विस परिसर में चौधरी चरण सिंह की मूर्ति के नजदीक जाना चाहते थे। पर उन्हें ऐसा करने नहीं दिया गया। घेराबंदी के बीच वे जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे थे, जबकि कुछ विधायक साथ में कागज की तख्तियां लेकर आए थे।
उधर, सपा के चीफ व्हिप मनोज पाण्डे ने इस बारे समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "सपा बजट सत्र में बड़ी ताकत और लोगों की समस्या के साथ हिस्सा लेगी। फिर चाहे किसानों का मसला हो या फिर बेरोजगारों की बात हो...हम सदन में हर अहम मुद्दा उठाएंगे।"
बाद में सदन के भीतर भी हंगामा हुआ। दरअसल, विपक्षी दलों के विधायक तब राज्यपाल गो बैक (राज्यपाल वापस जाओ) के नारे जोर-जोर से लगाने लगे थे। वे इस दौरान कुछ तख्तियां भी लिए थे, जिनकी मदद से वे बजट सत्र के चालू होने से पहले गवर्नर के संबोधन का विरोध कर रहे थे।
