लखनऊ

छात्रा का दुपट्टा खींचने वाले आरोपियों को पुलिस ने मारी गोली, पिस्टल छीन भागने की कर रहे थे कोशिश

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 17, 2023, 01:25 PM IST

UP News: छात्रा की मौत के बाद पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया था। ये युवक पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद जवानों ने दो आरोपियों के पैर में गोली मारकर उन्हें दबोच लिया, वहीं तीसरे युवक का पैर गिरने के बाद टूट गया।

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आरोपियों को पुलिस ने मारी गोली

Photo : Twitter

UP News: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में स्कूली छात्रा के साथ छेड़खानी करने के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। दुपट्टा खींचकर भागने की कोशिश करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गोली मार दी। ये आरोपी पुलिस की पिस्टल छीन कर हिरासत से भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने आरोपी शाहबाज और फैसल के पैर में गोली मारी, जबकि तीसरे आरोपी का गिरने से पैर टूट गया।

बता दें, शुक्रवार को स्कूल से लौटते वक्त युवकों ने छात्रा के साथ छेड़खानी की थी। बाइक सवार आरोपियों ने साइकिल से जा रही छात्रा का दुपट्टा खींच लिया था, जिससे छात्रा सड़क पर गिर गई और बाइक के नीचे आ गई, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।

मेडिकल टेस्ट के लिए ले जाते वक्त की भागने की कोशिश

जानकारी के मुताबिक, छात्रा की मौत के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया था। जब आरोपियों को मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा था, इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने फायरिंग की। इसमें दो आरोपियों के पैरों पर गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। फिलहाल तीनों आरोपियों को अस्पताल में इलाज चल रहा है।

शुक्रवार को हुई थी घटना

यह घटना शुक्रवार को हुई थी। जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसमें दिख रहा है कि दो छात्राएं अपनी-अपनी साइकिल पर सवार होकर स्कूल से घर लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक से दो युवक आते हैं और छेड़खानी करने लगते हैं। एक युवक छात्रा का दुपट्टा खींचता है, जिससे छात्रा का बैलेंस बिगड़ जाता है और वह सड़क पर गिर जाती है। इतनी देर में पीछे से बाइक से आ रहा दूसरा युवक छात्रा को रौंदते हुए आगे बढ़ जाता है, जिससे छात्रा की मौके पर ही मौत हो जाती है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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