लखनऊ

NCR की तर्ज पर यूपी में होगा SCR, लखनऊ के आसपास 6 जिलों के अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी

Uttar Pradesh State Capital Region: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एससीआर के विकास के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इसके मुताबिक, लखनऊ के आसपास के 6 जिलों का अधिग्रहण किया जाएगा। एसीआर प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे और सचिव का पद मंडलायुक्त लखनऊ के पास होगा।

Image

एसएसीआर के गठन के लिए अधिसूचना जारी।

Photo : BCCL

Uttar Pradesh State Capital Region: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में एससीआर (State Capital Region) का विकास होगा। इसको लेकर सरकार एक्शन के मोड में आ गई है। राज्य सरकार की ओर से एससीआर के विकास के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इसके मुताबिक, लखनऊ के आसपास के 6 जिलों का अधिग्रहण किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, एससीआर के लिए लखनऊ के आसपास राज्य राजधानी क्षेत्र की घोषणा की गई है। इसके तहत कुल 27860 क्षेत्रफल वर्ग मीटर क्षेत्र का अधिग्रहण किया जाएगा। प्राधिकरण के अध्यक्ष यूपी सीएम होंगे और सचिव का पद मंडलायुक्त लखनऊ के पास होगा। इसके अलावा मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का पद संभालेंगे। भारत सरकार द्वारा नामित और रक्षा मंत्रालय द्वारा नामित अधिकारी भी प्राधिकरण में सदस्य होंगे।

राज्य राजधानी क्षेत्र में ये जिले शामिल

उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र में लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी को शामिल किया गया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, लखनऊ की 2528 वर्ग किमी, हरदोई की 5986 वर्ग किमी, सीतापुर की 5743 वर्ग किमी, उन्नाव की 4558 वर्ग किमी, रायबरेली की 4609 वर्ग किमी और बाराबंकी की 4402 वर्ग कमी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।

ये होगा फायदा

एनसीआर की तर्ज पर एसएसीआर के गठ से सभी जिलों का सुनियोजित शहरीकरण व विकास किया जाएगा। सरकार चाहती है कि एससीआर से शहरों का एक समुचित ढांचा बनेगा । बुनियादी ढांचे के लिए सलाहकार भी नियुक्त किए जाएंगे। एससीआर में शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, पुरातात्विक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व धार्मिक स्थलों को ध्यान में रखकर विकास किया जाएगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article