लखनऊ

Lucknow News: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के 2 संदिग्ध छात्रों पर यूपी ATS ने रखा 25-25 हजार का इनाम, ISIS से जुड़े हैं तार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के दो छात्रों पर यूपी एटीएम ने 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है। इससे पहले भी एटीएस ने AMU से जुड़े सात संदिग्ध को गिरफ्तार किया था।

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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दो संदिग्ध छात्रों के ऊपर 25-25 हजार का इनाम घोषित

Photo : Times Now Digital

Lucknow News: यूपी एटीएस ने आईएसआईएस से जुड़े अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दो संदिग्ध छात्रों के ऊपर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है। इन छात्रों के नाम अब्दुल समद मालिक और फैजान बख्तियार हैं। इससे पहले भी एटीएस ने AMU से जुड़े सात संदिग्ध को गिरफ्तार किया था। अब यह दोनों छात्र भी एएमयू के वीएम हाल के निवासी हैं और एमएसडब्ल्यू प्रथम वर्ष के छात्र हैं। बड़ी संख्या में एएमयू से जुड़े छात्रों के आईएस संदिग्ध होने पर हिंदू महासभा ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि वह पहले से ही कहते आ रहे हैं कि एएमयू आतंकवादियों का अड्डा बन चुका है। यहां किसी हिंदू कुलपति की नियुक्ति कर सर्च ऑपरेशन चलाया जाए और इस तरह के तत्वों को बाहर किया जाए। अगर ऐसा नहीं होगा तो यह विश्वविद्यालय पुनः देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार होगा।

हिंदू महासभा ने की AMU में सर्च ऑपरेशन की मांग

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडे ने एएमयू से आईएस संदिग्ध पकड़े जाने पर कहां कि जिस तरह से एएमयू में लगातार आईएसआईएस से जुड़े हुए छात्र मिल रहे हैं इससे स्पष्ट है कि अखिल भारतीय हिंदू महासभा की मांग कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सदैव से ही आतंकवादियों की पाठशाला रही है यह चरित्रार्थ होती है। मेरी भारत सरकार से मांग है कि एएमयू में किसी हिंदू कुलपति को बना करके सर्च ऑपरेशन चलाया जाए ताकि छुपे हुए आतंकवादियों को निकाला जा सके। अगर ऐसा नहीं होगा तो यह विश्वविद्यालय पुनः देश के विभाजन के जिम्मेदार होगा और आतंक को जन्म देने वाला यह एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय AMU बना रहेगा।

AMU के वीएम हॉल में दोनों छात्रों का अलॉटमेंट

मामले पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने कहा कि हमें भी प्रिंट और डिजिटल मीडिया से पता चला है कि दो या तीन छात्र संदिग्ध की कैटेगरी में है और संदिग्ध की बुनियाद पर उनके खिलाफ कुछ कार्यवाही चल रही है। लेकिन मेरे पास अभी कोई आधिकारिक ऐसी सूचना नहीं है कि क्या चल रहा है और किस बुनियाद पर चल रहा है। इसकी हमारे पास कोई ऑफिशियल इनफॉरमेशन नहीं है। किसी एजेंसी ने हम से अभी तक कोई कांटेक्ट नहीं किया है और जहां तक छात्र की बात है जो हमारे पास रिकॉर्ड है उसके हिसाब से दो लड़के हैं जो एमएसडब्ल्यू के छात्र बताये जा रहे हैं। रिकॉर्ड के हिसाब से दोनों छात्रों का एडमिशन इस एकेडमिक सेशन में हुआ है। लेकिन जब से इनका नाम अखबारों में आया है कि यह संदिग्ध की कैटेगरी में है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई चल रही है। तभी से यह कैंपस में कहीं भी नजर नहीं आ रहे हैं। ना डिपार्टमेंट में नजर आ रहे है, ना कहीं और नजर आ रहे। इन में से एक का नाम फैजान बख्तियार बताया जाता है और दूसरे का नाम अब्दुल समद मालिक है। दोनों बच्चे एमएसडब्ल्यू के छात्र हैं और वीएम हॉल में इनका अलॉटमेंट है।

प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने कहा कि जहां तक कि यूनिवर्सिटी की बात है जो एजेंसी इन पर कार्यवाही कर रही है जैसा कि आप बता रहे हैं वह एजेंसी अपनी कार्यवाही के दौरान जो भी चीज हमसे चाहेगी हम यूनिवर्सिटी के रूल्स और रेगुलेशन के हिसाब से उन्हें देंगे। ये जांच का विषय है कि किन-किन गतिविधियों में उनका नाम आ रहा है यह चीज आधिकारिक तौर पर आएंगी तो हम उस हिसाब से हम आपको बताएंगे।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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