लखनऊ

One Family One Card से हर परिवार के एक सदस्य को यूपी सरकार देगी रोजगार, जानें क्या है CM योगी का प्लान

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Mar 2, 2023, 07:24 AM IST

One Family One Card: उत्तर प्रदेश के प्रत्येक परिवार को फैमिली आईकार्ड देने का कार्य हो रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में वन फैमिली वन कार्ड (ओएफओसी) की चर्चा की।

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One Family One Card से हर परिवार के एक सदस्य को यूपी सरकार देगी रोजगार, जानें क्या है CM योगी का प्लान

One Family One Card : बजट सत्र को संबोधित करते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में वन फैमिली वन कार्ड (ओएफओसी) की चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक परिवार को फैमिली आईकार्ड देने का कार्य हो रहा है। हर परिवार से एक सदस्य को रोजगार से जोड़ने के लिए हम मैपिंग का काम तेज गति से करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके परिणाम बहुत शीघ्र सामने आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परिवार की मैपिंग से ना सिर्फ शासन की योजनाओं की स्थिति के बारे में पता चलेगा, बल्कि कौन सा परिवार किन किन योजनाओं से आच्छादित है, साथ ही उन्हें कौन कौन सी योजनाओं की आवश्यकता है, इसके बारे में भी सही जानकारी प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार विकास की हर योजना बिना जाति, मत, मजहब और पंथ का भेदभाव किये जनता को लाभान्वित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सेक्टर की बहुत क्लोज मॉनीटरिंग हो रही है। सभी के टार्गेट फिक्स किये गये हैं।

सीएम योगी ने विधानसभा में बजट पर चर्चा करते हुए देश की इकॉनमी में प्रदेश के योगदान को बढ़ाने का विजन रखा। उन्होंने कहा कि यहां चर्चा हुई कि कैसे हम वन ट्रिलियन की बात कर रहे थे। 1946 की बात है जब संविधान निर्माण की कार्यवाही प्रारंभ हुई, पहली बैठक थी, बाबा साहब ने जो भाषण दिया वो बहुत महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा था कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए इति को लेकर नहीं अथ को लेकर चिंता होनी चाहिए। अर्थात लक्ष्य साफ है उसे पाने के लिए शुरुआत कैसे करें। शुरुआत अच्छी होगी तो परिणाम भी अच्छा आएगा। बाबा साहेब को लेकर हिन्दुस्तान अपार श्रद्धा का भाव रखता है। हमने भी प्रधानमंत्री की प्रेरणा से देश की आबादी के सबसे बड़े राज्य की क्या भूमिका हो सकती है, इस पर मंथन किया। यूपी कैसे अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर सकता है। 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी का देश अगर भारत को बनना है तो क्या यूपी को अपना योगदान नहीं देना चाहिए। देश का हर 16वां व्यक्ति यूपी का है। लेकिन क्या उतना योगदान है हमारा, भारत के जीड़ीपी में यूपी का योगदान 8 फीसदी है, इसे बढ़ाकर 16 फीसदी तक ले जाना है। यूपी में ये संभावना है।

वन ट्रिलियन पर सदन में हो चर्चा

सीएम ने कहा कि यूपी की इन क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए हमने वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी को लेकर अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। हमने इसके लिए 10 सेक्टर चिह्नित किए हैं, जिस पर लगातार कार्य चल रहा है। मैं चाहता था कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी पर चर्चा हो। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स पर जब चर्चा हुई थी तब सपा वाकआउट कर गयी थी, गरीबी उन्मूलन, सबसे शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों का उत्थान, मातृ शक्ति का सशक्तिकरण पर 36 घंटे तक चर्चा हुई। शिवपाल जी को छोड़कर सपा गायब थी। उनकी रुचि डेवलपमेंट पर नहीं है। यही कारण है कि जनता ने सपा का सफाया कर दिया।

बैंकिंग व्यवसाय बढ़ा तो युवाओं को मिले अधिक अवसर

2012 से 17 में बैंकिंग व्यवसाय यूपी में 12 लाख 79 हजार 995 करोड़ का था, 17 से 22 ये बढ़कर 22 लाख 6 हजार करोड का बैंकिंग व्यवसाय है। बैंकों से यहां के उद्यमियों और युवाओं को पहले 46 फीसदी ऋण मिलता था, आज 55 फीसदी से अधिक हो रहा है। 17 से 22 में 9 लाख 52 हजार करोड़ का ऋण वितरित हुआ है। यूपी के नौजवानों की आकाक्षाओं को पूर्ति करने का माध्यम बैंक और वित्तीय संस्थाएं कैसे बन रही हैं उसकी ये झलक है। ये रोजगार का सृजन कर रहा है। निजी निवेश को प्रोत्साहित करता है, कारीगरों का, राज्य की श्रमशक्ति का सम्मान करता है। अर्थव्यवस्था में संतुलन लाने का कार्य करता है। अधिक उत्पादन की क्षमता को देश दुनिया के सामने लाने का काम करता है। प्रदेश आज उसी दिशा में आगे बढ़ा है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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