लखनऊ

Lucknow News: कुकरैल नदी किनारे अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण पर रोक, फ्लैट बिक्री के लिए दी जा रही थी सस्ती स्कीम

लखनऊ के कुकरैल नदी की जमीन पर अवैध रूप से निर्माण किए गए अकबर नगर को ध्वस्त करने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने रोक लगा दी है।

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अकबर नगर अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण मामला

Photo : Twitter

लखनऊः राजधानी के कुकरैल नदी की जमीन पर अवैध रूप से निर्माण कर अकबर नगर तैयार कर दिया गया। इसके निर्माण के बाद मामला कोर्ट पहुंच गया। अवैध रूप से तैयार किए गए मकानों को ध्वस्त करने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक बार फिर रोक लगा दी है। अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण पर 21 फरवरी तक रोक बढ़ा दी है। सुनवाई के दौरान याची रामू बाल्मीकि ने लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा बसंत कुंज योजना में पुनर्वास के तहत फ्लैट दिए जाने के प्रस्ताव को स्वीकार करने की मंशा जताई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस पर कोर्ट ने उसे तीन दिनों में उपाध्यक्ष एलडीए के समक्ष आवेदन देने को कहा है। कोर्ट ने 21 फरवरी तक उक्त याची के मामले में कार्यवाही पूर्ण कर लेने का आदेश दिया है। यह आदेश जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने दिया है। अकबर नगर के निवासियों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए पारित किया गया है

15 लाख के फ्लैट चार लाख में

अकबरनगर में कुकरैल नदी पर बनाए गए अवैध मकान 15 लाख रुपये कीमत के फ्लैट मात्र चार लाख 79 हजार रुपये में दिए जा रहे हैं। कहा गया है कि इसके लिए आवेदक को पांच हजार रुपये के शुल्क से पंजीकरण कराना होगा, जिसके बाद उसे फ्लैट पर कब्जा दे दिया जाएगा। चार लाख 79 हजार रुपये भी आवेदक को 10 साल की आसान किस्तों में देना होगा। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ईडब्ल्यूएस के अतिरिक्त वर्ग के लोगों को फ्लैट की कीमत का 15 प्रतिशत भुगतान हायर परचेज के आधार पर करना होगा। उन्हें भुगतान करते ही कब्जा दे दिया जाएगा।

फ्लैट की बिक्री के लिए दी गई ये स्कीम

फ्लैट बिक्री के लिए स्कीम तैयार की गई थी। जिसमें फ्लैट की पूरी कीमत का भुगतान 45 दिनों में कर देते हैं तो उन्हें छह प्रतिशत की अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान याची रामू वाल्मीकि के अधिवक्ता ने कहा कि उक्त याची ईडब्ल्यूएस वर्ग का है और एलडीए का ईडब्ल्यूएस के व्यक्तियों के लिए दिया गया प्रस्ताव उसे स्वीकार है। हालांकि, दूसरे याचियों की ओर से प्रस्ताव के संबंध में एक दिन का समय दिए जाने की मांग की गई। इस पर न्यायालय ने मामले को गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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