लखनऊ

लखनऊ की सड़कों पर बनी मजारों को नहीं हटाया गया, तो यहां करेंगे सुंदरकांड: हिंदू महासभा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 26, 2022, 12:05 PM IST

किसी भी धर्म से जुड़ी इमारत हो आध्यात्मिक ऊर्जा का श्रोत होती है लेकिन कई बार गलत जगह पर बनी ऐसे स्थल मुश्किलों का सबब बन जाते है । हिंदू महासभा ने लखनऊ के अलग अलग सड़को पर बनी ऐसी ही कई मजारों को हटाए जाने के लिए सरकार को पत्र लिखा है जिनसे आए दिन रोड न केवल जाम की चपेट में रहता है बल्कि इनके चलते हादसे भी होते रहते है ।

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लखनऊ में सड़क के किनारे बनी एक मजार

Photo : Times Now Digital

Lucknow News: UP में बॉर्डर इलाको में बढ़ते मदरसे और मस्जिदों (Masjid) ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया था और अब शहरो में भी ऐसे कई स्थलों के चलते परेशानियां बढ़ रही है । दरअसल लखनऊ शहर में भीड़भाड़ वाले इलाको में सड़क किनारे सरकारी जमीन पर कई मजारें (Majar) बनी हुई है। अब इन मजारों को लेकर हिंदू महासभा को ऐतराज है । महासभा का कहना है कि अवैध रूप से बनी इन मजारों से ट्रैफिक जाम की समस्या हो रही है आए दिन हादसों का एक कारण ये मजारें भी है जिनके चलते रोड संकरा हो जाता है । ऐसे में सरकार को इन मजारों को दूसरी जगह हटाए जाने की व्यवस्था करनी चाहिए । अगर 1 जनवरी तक इनको दूसरी जगह नहीं हटाया गया तो इन मजारों पर सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा ।

लखनऊ सड़क किनारे बनी है मजारें

दरअसल बढ़ती आबादी ने शहरो में ट्रैफिक को लेकर नई चुनौतियां पेश की है और लखनऊ शहर तो अपने ऐतिहासिक स्वरूप के चलते सड़को के संकरे पन की समस्या का शिकार है उस पर भी भीड़भाड़ वाले इलाको में सड़क किनारे बनी मजारे मुश्किलें बढ़ा देती हैं। अमीनाबाद इलाके से शुरू करें तो हर रोज हजारों की तादाद में पैदल लोग इस इलाके में नजर आते है ट्रैफिक के दवाब को झेल रहे इस इलाके से किसी भी गाड़ी को पास होने में घंटो लग जाते है उसी इलाके में सड़क किनारे बनी सैय्यद बाबा की मजार लोगो की समस्या को और बढ़ा देती है ।

ट्रैफिक होता है बाधित

चारबाग से महानगर जाने वाली सड़क को शहर की हार्ट लाइन माना जाता है विधानसभा, सी एम ऑफिस और शासन सचिवालय सब इसी रोड पर है सचिवालय जिसे बापू भवन के नाम से जाना जाता है उसके ठीक सामने बाबा की मजार है जो सड़क किनारे बनी है इससे लगभग हर रोज ट्रैफिक बाधित होता है । महानगर इलाके में पीएसी के सामने जो रोड बंधा से उतरता है वहा बनी मजार एकदम बीच में है दिन में तो वाहन चालक खुद को सम्हाल ले लेकिन रात में तो आए दिन हादसे होते रहते हैं। हजरतगंज इलाके में नवल किशोर रोड पर बनी जड़ीयान बाबा की मजार के चलते हर रोज भीषण जाम लगना तय है मजार के केयर टेकर रहीश का कहना है कि यहां 3 स्कूल पास में है ऐसे में मजार के चलते रोज घंटो जाम लगता है अगर सरकार इसे पीछे शिफ्ट करती है तो वो लोग तैयार है ।

राजनीतिक दलों का स्टैंड

बीजेपी का कहना कि लोगो की सहूलियत जरूरी , कई देशों में मस्जिदें हटाई गई है । मुस्लिम धर्मगुरुओं को ऐतराज केवल मजार ही क्यों बाकी धर्मस्थलों को भी हटाया जाए ।सवाल लोगो की सहूलियत से जुड़ा है इन परेशानियों का इल्म हाईकोर्ट को भी है बीते साल हाईकोर्ट ने ऐसे धर्मस्थलों को हटाने के लिए सरकार को कहा था बीजेपी प्रवक्ता हीरा वाजपेई का कहना है कि लोगो की दिक्कतों के लिए सरकार कदम उठा रही है और सऊदी अरब जैसे देशों में मस्जिदों तक को स्थानांतरित करने की कार्यवाही हुई हैं। सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर कहते है मामला संवेदनशील है सरकार को आस्थाओ का ध्यान रखकर इस तरफ कदम उठाना चाहिए । आपत्ति मुस्लिम धर्मगुरुओं को भी नही है वो भी चाहते है लेकिन हिंदू महासभा की केवल मजारों को लेकर सवाल खड़े क रने पर उन्हें आपत्ति है ।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने सभी जिलों से ऐसे धर्म स्थलों की रिपोर्ट भी मांगी थी लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया लेकिन अब हिंदू महासभा की आपत्ति ने इस समस्या को तरफ फिर से सरकार का ध्यान खींचा है।

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