लखनऊ

UP का कनॉट प्लेस है ये शहर, नवाबी खानपान के साथ बाजार हैं खास; जानें क्या है नाम

Hazratganj : लखनऊ का हजरतगंज दिल्ली के कनॉट प्लेस से कम नहीं, जहां हर शाम दोनों तरफ दुकानें सजती हैं। शाम होते ही बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने और खाने-पीने के लिए आते हैं। हजरतगंज खाने-पीने के लिए भी मशहूर है, जैसे मोती महल और रॉयल कैफे।

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हजरतगंज (फाइल फोटो)

Hazratganj : नवाबों की नगरी अपने आप में खास है। ये जिंदादिल शहर यूपी की शान है। ये जितना मेहमान नवाजी के लिए फेमस है, उतना ही यहां की जगहें आकर्षित करती हैं। उनमें से हजरतगंज लखनऊ की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। यहां दिन में घूमना अच्छा होता है, लेकिन रात में इसका नजारा और भी शानदार हो जाता है। हजरतगंज दिल्ली के कनॉट प्लेस के समान है, जहां दोनों तरफ दुकानें हैं और बीच में चौड़ी सड़क है। शाम होते ही बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने और खाने-पीने के लिए आते हैं। हजरतगंज खाने-पीने के लिए भी मशहूर है, जैसे मोती महल और रॉयल कैफे। यहां शुद्ध देसी घी से बने व्यंजन मिलते हैं, और सड़कें इन रेस्टोरेंट के खाने की खुशबू से महकती रहती हैं।

शहर की जान है हजरतगंज

हजरतगंज, लखनऊ की एक प्रमुख और खूबसूरत जगह है, जो दिन और रात दोनों समय घूमने के लिए आकर्षक है। यह दिल्ली के कनॉट प्लेस के समान है, जहां दुकानों के साथ चौड़ी सड़कें हैं। शाम होते ही खाने-पीने के लिए लिए बाजार सजते हैं। हजरतगंज में मोती महल और रॉयल कैफे जैसे प्रसिद्ध रेस्टोरेंट का शुद्ध देसी घी वाला व्यंजन मुंह में घुलता है जो आपको हमेशा याद रहेगा। हजरतगंज राजधानी की शान के साथ युवाओं को अपनी ओर हमेशा खींचता है। हलवासिया से लेकर विधानसभा जैसी जगहों का यहीं से दीदार होता है। थोड़ी ही दूर पर शहर का चिड़ियाघर भी मौजूद है, जहां शौकीन लोग घूमने पहुंचते हैं। यहां कपल्स भी आते हैं और लखनऊ के प्रसिद्ध चिकनकारी के कपड़े खरीदने के लिए भी जाना जाता है। अगर आप लखनऊ आते हैं, तो हजरतगंज जरूर घूमें।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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