लखनऊ

दिल्ली धमाका केस में बड़ा खुलासा; शाहीन ने ही भाई परवेज का ब्रेनवॉश कर बनाया था आतंकी साजिश का हिस्सा

दिल्ली के लाल किला धमाके की जांच में उत्तर प्रदेश ATS को बड़ा सुराग मिला है। गिरफ्तार आरोपी परवेज अंसारी को आतंकी नेटवर्क से जोड़ने में उसकी बहन शाहीन शाहिद की अहम भूमिका रही। शाहीन ने परवेज का ब्रेनवॉश कर उसे कट्टरपंथी विचारधारा की ओर मोड़ा और पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से संपर्क कराया। वह लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में काम करता था, ATS ने उसके बैंक खाते की जानकारी भी मांगी है।

parvez

परवेज की फाइल फोटो

Delhi Blast Update: दिल्ली में 10 नवंबर को हुए लाल किला धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश ATS की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर परवेज अंसारी को आतंक के रास्ते पर उसकी बहन डॉ. शाहीन शाहिद ने ही धकेला था। शाहीन ने परवेज का ब्रेनवॉश कर उसे पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से जोड़ा था।

बहन ने किया ब्रेनवॉश

सूत्रों के मुताबिक, शाहीन ने परवेज को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया और धीरे-धीरे उसे आतंकी नेटवर्क के संपर्क में लाया। बताया जा रहा है कि पहले परवेज क्लीन शेव रहता था और पैंट-शर्ट पहनता था लेकिन कट्टरपंथ की राह पर जाने के बाद उसकी वेशभूषा पूरी तरह बदल गई। वह लंबी दाढ़ी रखने लगा, कुर्ता-पायजामा और टोपी पहनने लगा। ATS की जांच में यह सामने आया है कि परवेज लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में काम करता था, जहां उसे हर महीने करीब 1.70 लाख रुपये वेतन मिलता था। उसके पास पंजाब नेशनल बैंक में एक खाता है, जिसकी पूरी डिटेल ATS ने बैंक से मांगी है।

यह भी पढ़ें- दिल्ली धमाका केस में एक और डॉक्टर कानपुर से हिरासत में, परेवज की निशानदेही पर पुलिस ने पकड़ा

कौन है परवेज अंसारी

बता दें कि गिरफ्तार आरोपी डॉ. परवेज अंसारी, लखनऊ का रहने वाला है और डॉ. शाहीन शाहिद का छोटा भाई है। दोनों पर लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 पर हुए धमाके की साजिश में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। ATS और स्थानीय पुलिस की टीमों ने सोमवार रात और मंगलवार सुबह मड़ियांव थाना क्षेत्र के मुत्तकीपुर में अंसारी के घर की तलाशी ली। तलाशी में घर से कई मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए।

यूपी के 18 संदिग्ध रडार पर

जांच एजेंसियां पिछले 3-4 सालों में उत्तर प्रदेश की जेलों से रिहा हुए संदिग्ध आतंकियों की कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन और इंटरनेट मीडिया पर गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं। शाहीन का लखनऊ के खंदारी बाजार इलाके से संबंध सामने आने के बाद आसपास के क्षेत्रों पर भी एजेंसियों की कड़ी निगरानी है। इसी बीच, 18 ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान की गई है, जिनका नाम कभी न कभी आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है और अब उन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। इन सभी का पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है। लखनऊ पुलिस ने भी आतंकियों और उनके करीबी लोगों की जानकारी के लिए ATS और खुफिया एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की हैं, जिन्हें एटीएस और खुफिया विभाग द्वारा दिए गए नामों और संभावित ठिकानों की जांच और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन 18 संदिग्धों की यात्रा संबंधी जानकारी भी खंगाली जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

लेटेस्ट न्यूज

विनोद मिश्रा
विनोद मिश्रा Author

दिल्ली से लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब दो दशक से टीवी पत्रकारिता कर रहें है। यूपी की सियासत की नब्ज और ब्यूरोकेसी की समझ है। पत्रकारिता एक पैशन ... और देखें

End of Article