लखनऊ

CM योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा मजबूत

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की सख्ती का असर NCRB रिपोर्ट में दिख रहा। यूपी में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 11 फीसद कम है। सख्त कानून और मिशन शक्ति के दम पर महिलाओं की सुरक्षा बेहतर हुई है और देश में अब यूपी 17वें स्थान पर है। योगी सरकार की सख्त कार्रवाई ने विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध घटाए हैं।

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यूपी में महिलाओं के खिलाफ कम हुए क्राइम के आंकड़े

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिलाओं के खिलाफ अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति और मिशन शक्ति अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन ने यूपी को महिलाओं की सुरक्षा के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर स्थिति में ला खड़ा किया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में योगी सरकार की बेहतर कानून व्यवस्था और महिलाओं सुरक्षा को लेकर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से कम रही। वर्ष 2023 में महिलाओं से जुड़े 66,381 मामले दर्ज हुए, लेकिन प्रति लाख महिला आबादी पर अपराध दर केवल 58.6 रही, जो राष्ट्रीय औसत 66.2 से करीब 11 प्रतिशत कम है। इस आधार पर यूपी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर में देशभर में 17वें स्थान पर है।

विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में यूपी का बेहतरीन प्रदर्शन

वहीं, प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला सम्मान भंग (शील भंग) से जुड़े मामलों में भी यूपी राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में रहा। देशभर में ऐसे मामलों की संख्या 83,891 रही और अपराध दर 12.4 रही। जबकि उत्तर प्रदेश में सिर्फ 9,453 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 8.3 रही। इस श्रेणी में यूपी अन्य राज्यों की तुलना में 19वें स्थान पर है।

वहीं दुष्कर्म (IPC 376) के मामलों में भी उत्तर प्रदेश की स्थिति संतोषजनक रही। पूरे देश में ऐसे 29,670 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 4.4 रही। वहीं यूपी में 3,516 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 3.1 रही। इस आधार पर प्रदेश 22वें स्थान पर है, यानी राष्ट्रीय औसत से नीचे। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े POCSO एक्ट के मामलों में भी यूपी की तस्वीर बेहतर दिखी। देशभर में कुल 67,694 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 15.2 रही। वहीं उत्तर प्रदेश में 8,706 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 10.2 रही। इस श्रेणी में यूपी देश में 24वें स्थान पर है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। यदि कुल मिलाकर देखा जाए तो महिलाओं के खिलाफ अपराधों में यूपी का क्राइम रेट 58.6 रहा, जबकि देश का औसत 66.2 था। इस लिहाज से यूपी कई बड़े राज्यों से बेहतर स्थिति में है।

मिशन शक्ति, सख्त कानून व्यवस्था और कार्रवाई का दिख रहा असर

महिला अपराध दर में आई कमी केवल पुलिस की सक्रियता का परिणाम नहीं है, बल्कि महिलाओं की शिकायत दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति और त्वरित कानूनी कार्रवाई का भी नतीजा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को आत्मविश्वास दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए खुलकर आगे आएं। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से न्याय सुनिश्चित हुआ है।

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