लखनऊ

खुलने से पहले बंद हुआ सनी लियोनी का धंधा! 'चिका लोका' रेस्टोरेंट-बार का काम ठप

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी के निर्माणाधीन रेस्टोरेंट और बार के निर्माण पर रोक लगा दी गई। कंज्यूमर कोर्ट ने लियोनी के 'चिका लोका' बाय सनी लियोनी बार के निर्माण प्रक्रिया को रोक दिया है।

Image

(फाइल फोटो)

लखनऊ: यूपी की राजधानी में बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी अपना धंधा बिजनेस बढ़ाने के प्रयास में हैं, लेकिन कोर्ट ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया है। दरअसल, लियोनी के विभूतिखंड में निर्माणाधीन रेस्टोरेंट और बार के निर्माण पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। कंज्यूमर कोर्ट ने 'चिका लोका बाय सनी लियोनी' के निर्माण पर रोक लगाने का आदेश दिया है। यह आदेश एक्सपीरियन कैपिटल निवासी प्रेमा सिन्हा की शिकायत के बाद आया है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि हाईकोर्ट और इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की गोपनीयता और सुरक्षा पर खतरा है। इसके अलावा रेस्टोरेंट और बार का निर्माण बच्चों के खेलने की जगह, कम्युनिटी हॉल और सीनियर सिटीजन के लिए आवंटित स्थान पर किए जाने का आरोप लगाया गया था। लिहाजा, सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की लापरवाही पर भी चिंता जाहिर की। शिकायतकर्ता को आदेश की कॉपी एलडीए को भेजने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।

चिका लोका बाय सनी लियोनी रेस्टोरेंट कम बार की चेन

आपको बता दें कि बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी के चिका लोका बाय सनी लियोनी रेस्टोरेंट कम बार की चेन है, जिसका निर्माण इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ और इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के पास किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए कि जो नक्शा पास हुआ है, उसको दरकिनार करते हुए बुजुर्गों, बच्चों के लिए खाली स्थान पर अवैध अतिक्रमण कर किया जा रहा है। आशंका जताई गई कि इसके निर्माण से हाईकोर्ट और इंदिरा गांधी की गोपनीयता और सुरक्षा पर खतरा रहेगा। लिहाजा, कोर्ट ने सभी दलीलों को सुनने के बाद फिलहाल उसके निर्माण पर रोक लगा दी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article