लखनऊ

राम मंदिर का निर्माण पूरा होने में खर्च होंगे 1800 करोड़ रुपये, मजूदरों की कमी बनी चुनौती

राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के निर्माण कार्य में मजूदरों की कमी अभी भी चुनौती है। निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए मजदूरों की संख्या दोगुनी करने की जरूरत है। मंदिर के निर्माण को पूरा करने में करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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अयोध्या राम मंदिर

Ayodhya Ram Mandir: आज राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक का दूसरा दिन है। रामलला के मंदिर निर्माण में अभी तक 800 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अभी भी मंदिर निर्माण में मजदूरों की कमी बनी हुई है। जिसको देखते हुए निर्माण समिति ने एलएनटी से मजदूरों की संख्या दोगुनी करने का अनुरोध किया है। राम मंदिर को पूरा होने में लगभग 1800 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

मजदूरों की संख्या दोगुनी होने की जरूरत

निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर निर्माण कार्य में आज भी मजदूरों की कमी बड़ी चुनौती है। जब तक मजदूरों की संख्या दुगनी नहीं होगी तब तक निर्माण कार्य की रफ्तार धीमी रहेगी। उन्होंने बताया कि मंदिर के निर्माण कार्य में इस समय करीब 800 मजदूर लगे हुए हैं।मजदूरों की संख्या जब तक 1500 के आसपास नहीं होगी, तब तक निर्माण पीछे ही रहेगा।

पत्थर लगने का काम नवंबर में होगा पूरा

नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर के निर्माण कार्य की प्रगति की बारे में बताते हुए कहा शिखर को छोड़कर पत्थर लगने का काम इस महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा। राम मंदिर के शिखर में 55000 क्यूबिक फीट पत्थर अभी और लगने हैं। वहीं परकोटा में 8,20,000 क्यूबिक फीट पत्थर लगाए जाएंगे। राम मंदिर निर्माण पूर्ण करने में लगभग 1600 से 1800 करोड रुपए का खर्च आएगा। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पिछले साल 22 जनवरी को हुई थी। जिसकी पहली वर्षगांठ आने वाली है। प्रथम वर्षगांठ पर राम लला के अलावा किसी और महापुरुषों के दर्शन पर संशय है।

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निर्माण कार्य में चुनौती आज भी मजदूरों की है, मजदूरों की संख्या जब तक दुगनी नहीं होगी तब तक कार्य की गति धीमी रहेगी, इस समय लगभग 800 मजदूर निर्माण कर में लगे हुए हैं, जब तक 1500 के आसपास मजदूर कार्य नहीं करेंगे तब तक निर्माण में पीछे रहेंगे,22 जनवरी 2025 को भगवान राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ पर राम लला के अलावा किसी और महापुरुषों के दर्शन पर संशय है, राम मंदिर निर्माण में अब तक 900 करोड रुपए खर्च हो चुके हैं, राम मंदिर निर्माण पूर्ण करने में लगभग 1600 से 1800 करोड रुपए का खर्च आएगा।

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पिछले साल 22 जनवरी को हुई थी। जिसकी पहली वर्षगांठ आने वाली है।

, राम मंदिर निर्माण में अब तक खर्च हो चुके हैं 800 करोड रुपए,पूर्ण होने में लगभग खर्च होंगे 1800 करोड रुपए,राम मंदिर निर्माण में अभी भी मजदूरों की कमी,मजदूरों की संख्या को दुगनी करने पर के लिए निर्माण समिति ने एलएनटी से किया अनुरोध, 22 जनवरी 2025 को भगवान राम लला के प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर राम लला के अलावा अतिरिक्त मंदिरों के दर्शन पर संसय,

निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र का बयान, शिखर को छोड़कर इसी माह के अंत तक पूरा हो जाएगा पत्थर लगने का कार्य, राम मंदिर के शिखर में 55000 क्यूबिक फीट पत्थर अभी और लगने हैं, 8,20,000 क्यूबिक फीट पत्थर परकोटा में लगेंगे, निर्माण कार्य में चुनौती आज भी मजदूरों की है, मजदूरों की संख्या जब तक दुगनी नहीं होगी तब तक कार्य की गति धीमी रहेगी, इस समय लगभग 800 मजदूर निर्माण कर में लगे हुए हैं, जब तक 1500 के आसपास मजदूर कार्य नहीं करेंगे तब तक निर्माण में पीछे रहेंगे,22 जनवरी 2025 को भगवान राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ पर राम लला के अलावा किसी और महापुरुषों के दर्शन पर संशय है, राम मंदिर निर्माण में अब तक 900 करोड रुपए खर्च हो चुके हैं, राम मंदिर निर्माण पूर्ण करने में लगभग 1600 से 1800 करोड रुपए का खर्च आएगा।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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