लखनऊ

यूपी में अनधिकृत ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई, कहीं अभियान की गति दिखी तेज तो कहीं धीमे पड़े शहर

यूपी के कई जिलों में अनधिकृत ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में परिवहन विभाग ने अभी तक 18,816 चालान काटे हैं।

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यूपी में अनधिकृत ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई

UP News: उत्तर प्रदेश में अनधिकृत ई-रिक्शा के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। ई-रिक्शा के खिलाफ 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक अभियान चलाया जाएगा। परिवहन विभाग ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस अभियान के तहत अब तक 18,816 चालान काटे गए हैं। अभी अभियान शुरू हुए केवल 17 दिन का समय हुआ है और 13 दिन का समय बाकी है। आसार है कि आने वाले दिनों में भी कई चालान हो सकते हैं, क्योंकि यूपी के अधिकांश शहरों में अनधिकृत ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं। इस अभियान को लेकर समीक्षा बैठक का भी आयोजन किया गया था।

समीक्षा बैठक में 20 जिलों की लिस्ट जारी

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस अभियान के 16वें दिन परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह ने समीक्षा बैठक की जिसमें सर्वश्रेष्ठ योगदान देने वाले जिलों और न्यूनतम योगदान वाले 20 जिलों की सूची तैयार की गई है। इसमें कहा गया कि न्यूनतम प्रदर्शन वाले जिलों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। इस अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जनपदों में बरेली, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, फिरोजाबाद, बाराबंकी, एटा, कानपुर देहात, बहराइच, चंदौली, संत रविदास नगर, चित्रकूट, गोरखपुर, अंबेडकर नगर, गाजीपुर और हमीरपुर शामिल रहे।

इन जिलों में रही अभियान की गति धीमी

अभियान के नोडल अधिकारी और अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) संजय सिंह ने बताया कि जिन जिलों में अभियान की गति धीमी रही, उनमें अमरोहा, कासगंज, मुजफ्फरनगर, रामपुर, सुलतानपुर, सिद्धार्थनगर, मऊ, इटावा, फर्रुखाबाद, बदायूं, संभल, श्रावस्ती, झांसी, संतकबीरनगर, बस्ती, शामली, महराजगंज, देवरिया, हाथरस और ललितपुर शामिल हैं जिनके परिवहन अधिकारियों को नोटिस भेजकर जवाब-तलब किया गया है।

(इनपुट - भाषा)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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