लखनऊ

संभल में छिपे हैं कितने राज? मंदिर और मूर्ति के बाद खुदाई में मिली 250 फीट गहरी बावड़ी

संभल जिले के चंदौसी में शनिवार को राजस्व विभाग द्वारा की गई जमीन की खुदाई के दौरान एक अद्भुत खोज हुई है। खुदाई के दौरान लगभग 250 फीट गहरी बावड़ी मिली है। इस खोज से इलाके में हड़कंप मच गया है।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : iStock

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में चंदौसी में शनिवार को राजस्व विभाग ने एक जमीन की खुदाई की। उस दौरान एक विशालकाय बावड़ी के बारे में खुलासा हुआ। 250 फीट गहरी बावड़ी के मिलने से इलाके में हलचल मच गई है। बावड़ी के बारे में यह कहा जा रहा है कि यह बहुत पुरानी हो सकती है और इसमें ऐतिहासिक महत्व हो सकता है।

क्या कहता है इतिहास?

बताया जा रहा है कि चंदौसी के लक्ष्मणगंज इलाके में 1857 से पहले हिंदू बाहुल्य था। यहां सैनी समाज के लोग रहते थे लेकिन वर्तमान में यहां मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या अधिक है।

जिलाधिकारी राजेंद्र पेसियां ने बताया कि खतौनी के अंदर पॉइंट 040 अर्थात 400 वर्ग मीटर क्षेत्र है। वह बावली तालाब के रूप में यहां दर्ज है। स्थानीय लोग बताते है कि बिलारी के राजा के नाना के समय बावड़ी बनी थी। इसका सेकंड और थर्ड फ्लोर मार्बल से बना है। ऊपर का तल ईटों से बना हुआ है। इसमें एक कूप भी है और लगभग चार कक्ष भी बने हुए हैं। धीरे धीरे मिट्टी निकाल रहे हैं ताकि इसकी संरचना को किसी भी प्रकार की कोई हानि न हो। वर्तमान में इसका 210 वर्ग मीटर एरिया ही लग रहा है, शेष क्षेत्रफल कब्जे में है। कम से कम सवा सौ से डेढ़ सौ वर्ष पुरानी बावड़ी हो सकती है।

मंदिर मिलने के बाद लिखा गया था पत्र

दरअसल संभल में 46 साल पुराने मंदिर मिलने के बाद डीएम को एक शिकायत पत्र दिया गया था, शिकायत पत्र में यह दावा किया गया था कि लक्ष्मणगंज में पहले बिलारी की रानी की बावड़ी थी।

संभल जिले के लक्ष्मणगंज इलाके में बिलारी की रानी की बावड़ी से संबंधित शिकायत के बाद जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने मामले की जांच के आदेश दिए। जिसके बाद शनिवार को राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार धीरेन्द्र सिंह इलाके के नक्शे के साथ वहां पहुंचे थे। खुदाई के दौरान जमीन से एक प्राचीन इमारत के अवशेष निकलने लगे। यह अवशेष काफी पुरानी संरचनाओं के होने के संकेत दे रहे थे, जो स्थानीय इतिहास और संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

इनपुटः आईएएनएस

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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