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Lucknow Kanpur Expressway: फिर सामने आई बड़ी खामी, एक्सपेंशन ज्वाइंट में क्रैक; डिवाइडर में आई दरार

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगातार सामने आ रही दरार, सड़क धंसने और जलभराव की शिकायतों ने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। IIT खड़गपुर की टीम अलग-अलग स्थानों पर इसकी जांच कर रही है।

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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सामने आई और खामियां

Lucknow Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर निर्माण और सड़क की गुणवत्ता से जुड़ी खामियां खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। इस एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के एक महीने से भी कम समय में ही कई तरह की दिक्कतें सामने आ गईं। एक्सप्रेसवे कई जगहों पर धंस गया और आज 28वें दिन भी इसमें और खामियां सामने आई हैं। एक्सप्रेसवे पर लगभग 30 किलोमीटर के आसपास एक्सपेंशन जॉइंट में क्रैक और 30.1 किलोमीटर पर डिवाइडर में दरार की भी शिकायत है।

वहीं, मरम्मत के महज 48 घंटे बाद ही 63.8 और 63.9 किलोमीटर पर डामर की ऊपरी लेयर उखड़ने की बात भी सामने आई है। एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग स्थानों पर सड़क में दरार और धंसने की दो दर्जन से ज्यादा शिकायतों ने निर्माण गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इन शिकायतों की जांच के लिए IIT Kharagpur के विशेषज्ञों की टीम एक्सप्रेसवे के अलग-अलग हिस्सों का सर्वे कर रही है। IIT की टीम सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों के साथ जल निकासी व्यवस्था और मिट्टी में नमी की स्थिति की भी जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर सड़क धंसने की शिकायतों में नमी और जल निकासी से जुड़े पहलुओं को अहम माना जा रहा है।

ड्रेनेज सिस्टम पर भी सवाल

एक्सप्रेसवे पर जलभराव की समस्या को लेकर भी गंभीर प्रश्न उठे हैं। लगभग 57.5 किलोमीटर पर ड्रिल मशीन की मदद से पानी की निकासी व्यवस्था को सुधारने का काम किया जा रहा है। जांच के दौरान विशेषज्ञों ने सड़क के एक गड्ढे में पानी भरवाकर उसकी निकासी की स्थिति भी देखी। बताया गया कि काफी समय बीतने के बाद भी पानी गड्ढे से बाहर नहीं निकला। इससे एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हुए हैं।

कई हिस्सों में सड़क उखाड़कर दोबारा निर्माण

32 से 33.6 किलोमीटर के बीच करीब एक फीट तक सड़क की परत उखाड़कर दोबारा निर्माण कार्य किया जा रहा है। वहीं, 63.8 और 63.9 किलोमीटर पर मरम्मत के दो दिन बाद ही डामर की लेयर उखड़ने की शिकायत सामने आई है। लगातार मरम्मत के बावजूद नए सिरे से खामियां सामने आने से एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है।

कोरारी इंटरचेंज पर डायवर्जन

कोरारी इंटरचेंज से लखनऊ की ओर एंट्री फिलहाल बंद होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन हालात के बीच लगभघ तीन किलोमीटर तक वाहनों के उल्टी दिशा में चलने की शिकायत भी सामने आई है। इससे ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की शुरुआत उन्नाव के आजाद मार्ग से होती है। लगातार सामने आ रही सड़क की दरार, धंसाव, जलभराव, मरम्मत और डायवर्जन की स्थिति के बीच अब IIT खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम की जांच पर नजर है। जांच के निष्कर्षों से यह साफ होने की उम्मीद है कि सड़क में आ रही समस्याओं की असली वजह क्या है और उनके स्थायी समाधान के लिए किन तकनीकी उपायों की जरूरत होगी।

Vinod Mishra
विनोद मिश्राauthor

दिल्ली से लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब दो दशक से टीवी पत्रकारिता कर रहें है। यूपी की सियासत की नब्ज और ब्यूरोकेसी की समझ है। पत्रकारिता एक पैशन है।

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