उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सड़क की मांग को लेकर स्कूली बच्चों के डीएम दफ्तर पहुंचकर प्रदर्शन करने का मामला अब सियासी मुद्दा बन गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने इस प्रदर्शन को लेकर राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब वर्षों तक सड़क निर्माण की मांग पर सुनवाई नहीं हुई तो स्कूली बच्चों ने प्रशासन के सामने प्रदर्शन कर अपनी आवाज पहुंचाई।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही शब्द है ही नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनतंत्र को धनतंत्र मानकर दोहन और दमन में विश्वास करती है। पूर्व मुख्यमंत्री मुताबिक, हमीरपुर में बच्चों का डीएम दफ्तर पहुंचना इस बात का उदाहरण है कि अगर प्रशासन जनता तक नहीं पहुंचेगा, तो जनता अपनी समस्याएं लेकर प्रशासन तक पहुंचेगी।
'लोकतंत्र नीचे से ऊपर की ओर जाता है'
सपा प्रमुख ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और लोक सेवकों को यह समझना होगा कि लोकतंत्र नीचे से ऊपर की ओर चलता है। उन्होंने भाजपा पर सत्ता का केंद्रीकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि एकतंत्र की व्यवस्था लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
सपा प्रमुख ने समाजवादी विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्ता समाज के लिए होती है। उनके मुताबिक, सरकार और प्रशासन की भूमिका समाज के उत्थान और कल्याण के लिए सत्ता का सदुपयोग करना है।
सड़क के लिए बच्चों ने किया था प्रदर्शन
ज्ञात हो कि हमीरपुर में स्कूली बच्चों ने मंगलवार को सड़क निर्माण की मांग को लेकर डीएम दफ्तर में प्रदर्शन किया था। बच्चों का कहना था कि स्कूल तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता बारिश के दौरान खराब हो जाता है और कीचड़ व दलदल के कारण आवाजाही मुश्किल हो जाती है। प्रदर्शन के दौरान बच्चों के हाथों में तिरंगा भी नजर आया था।
प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक स्तर पर सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग से NOC मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने करीब 1.81 करोड़ रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी है। शासन से अनुमति मिलने के बाद सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
'जन-कल्याण नहीं तो सरकार नहीं'
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने बयान के अंत में कहा कि सरकार का मूल उद्देश्य जनता का कल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'यदि जन-कल्याण नहीं, तो सरकार नहीं।' हमीरपुर के बच्चों के प्रदर्शन को लेकर उनका बयान ऐसे समय आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सड़क, शिक्षा, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।
